उत्तर प्रदेश के मेरठ में प्रदूषण से निजात पाने के लिए एक अनूठी पहल की जा रही है। यहां एक महायज्ञ का आयोजन किया गया है जिसका लक्ष्य प्रदूषण कम करना है। श्री आयुचंडी महायज्ञ समिति द्वारा 9 दिनों तक चलने वाले इस महायज्ञ की शुरुआत रविवार से हुई है। इसका आयोजन भैंसाली ग्राउंड में किया जा रहा है। नवरात्री के दौरान इस महायज्ञ में लगभग 500 क्विंटल आम की लकड़ियां जलाई जाएंगी।
इस महायज्ञ का उद्देश्य नवरात्री के दौरान प्रदूषण के स्तर को कम करने का है। समिति के उपाध्यक्ष गिरीश बसंल का कहना है कि शास्त्र के अनुसार हवन हवा को शुद्ध करता है और इसकी वजह से वायु प्रदूषण के स्तर को काफी नीचे लाने में मदद मिलेगी। उन्होंने आगे कहा कि यह समिति का मानवता के प्रति योगदान है और इसके जरिए ओजोन परत को बचाने में मदद मिलेगी। इस महायज्ञ के लिए ग्राउंड में 108 हवन कुंड बनाए गए हैं।
26 मार्च तक सुबह 8 बजे से लेकर शाम के 7 बजे तक रोजाना ग्राउंड में महायज्ञ होगा। रोजाना वैदिक मान्यताओं को मानने वाले वाराणसी और वृंदावन के पुजारी 11 लाख, 11 हजार और 111 रुपए दान करेंगे। हिंदू मान्यताओं के अनुसार एक यज्ञ के जरिए हवा को शुद्ध किया जा सकता है। हालांकि इस मान्यता का कोई वैज्ञानिक आधार नहीं है।