फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

राजीव गांधी हत्याकांड में सुप्रीम कोर्ट ने सीबीआई से चार हफ्तों में स्टेटस रिपोर्ट सौंपने को कहा

Tue, 05 Nov 2019 02:08 PM IST
अनवर अंसारी न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
विज्ञापन
सुप्रीम कोर्ट - फोटो : सोशल मीडिया
विज्ञापन

सुप्रीम कोर्ट ने मंगलवार को पूर्व प्रधानमंत्री राजीव गांधी की हत्या के पीछे बड़ी साजिश की जांच कर रही सीबीआई के नेतृत्व वाली बहु अनुशासकीय निगरानी तंत्र (एमडीएमए) को चार हफ्ते के भीतर स्टेटस रिपोर्ट दाखिल करने का निर्देश दिया है।

विज्ञापन


जस्टिस एल नागेश्वर राव की अध्यक्षता वाली पीठ ने कहा कि, एमडीएमए की रिपोर्ट एक वर्ष पुरानी है और उस वक्त कई देशों को भेजे गए लेटर रोगेटरी (एलआर) पर जवाब आना बाकी था। पीठ ने एमडीएमए की ओर से पेश एडिशनल सॉलिसिटर जनरल पिंकी आनंद को स्टेटस रिपोर्ट में श्रीलंका, थाईलैंड सहित अन्य देशों के भेजे गए एलआर के बारे में भी जिक्र करने के लिए कहा है।

मालूम हो कि सुप्रीम कोर्ट ने एमडीएमए को पूर्व प्रधानमंत्री की हत्या के पीछे की साजिश का पता लगाने के लिए कहा था। एमडीएमए में सीबीआई समेत कई केंद्रीय एजेंसियों के विशेषज्ञ हैं। दिसंबर, 1998 में सरकारी आदेश के तहत इसका गठन किया गया था। 21 मई, 1991 को राजीव गांधी की हत्या की गई थी।
विज्ञापन


यह मसला तब उठा था जब वकील गोपाल शंकर नारायण ने कहा था कि एमडीएमए की रिपोर्ट में यह स्पष्ट नहीं है कि किस तरह बम बना, किसने बम बनाया और किसने इसे उपलब्ध कराया? नारायण के मुवक्किल एजी पेरारीवलन को राजीव गांधी हत्याकांड में बम में इस्तेमाल होने वाली दो बैटरी मुहैया कराने का दोषी ठहराते हुए उम्रकैद की सजा सुनाई गई है। गोपाल शंकर नारायण ने पेरारीवलन की दोषसिद्धि को चुनौती देते हुए कहा था कि बम बनाने की साजिश संबंधी रिपोर्ट से उसकी बेगुनाही साबित हो जाएगी।

विज्ञापन
और पढ़ें...
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें