बंगलूरू के केआर रोड स्थित कर्नाटका जैन भवन में शनिवार को धर्म की गंगा बही। हर कोई भक्ति में झूमता नजर आया। बंगलूरू समेत देशभर से आए लोगों के लिए श्रीफल महोत्सव का खास दिन था। हर कोई प्रभु भक्ति में लीन नजर आया।
भक्तों ने नाचते गाते हुए पूजन पाठ के दौरान अर्घ्य समर्पित किया। इस दौरान श्रद्धालुुओं को पुष्पगिरि प्रणेता आचार्य पुष्पदंत सागर महाराज, प्रमुख सागर महाराज, पूज्य सागर महाराज का सानिध्य मिला।
श्रीफल महोत्सव के पहले दिन भक्तामर विधान अनूठा होेने के साथ देश में पहली बार रजत निर्मित अक्शत, पुष्प, नेवैध, दीप, धूप, फल के साथ के साथ किया। भक्तामर पाठ में 48 काव्य होने के कारण 48 रजत कलशों की स्थापना के साथ विशेष पूजन किया गया। देश में पहली बार प्रोजेक्टर पर भक्तामर विधान चित्र के साथ किया गया।
डिजिटल इंडिया अभियान के कारण इसका प्रयोग किया गया। इस मौके पर रत्न वर्षा एवं पुष्प वर्षा की गई। इससे पहल जिनेंद्र भगवान का विशेष अभिषेक किया गया। भक्तामर विधान से पहले इंद्र इंद्राणियों ने आचार्य महाराज को श्रीफल भेंटकर आमंत्रित किया।
भगवान का 20 परिवारों द्वारा अभिषेक किया गया
बबीता सरावगी, सुशीला बज ने बताया कि इस भक्तमार विधान की खास विशेषता यह है कि भगवान का 20 परिवारों द्वारा अभिषेक किया गया। 48 रजत कलशों की स्थापना, हवन में मंत्रों की आहुति, दो विधान मंडल पर एक स्थान एक साथ अर्घ्य समर्पित किए गए।
दीप प्रज्जवलन सुरेंद्र हेगडे परिवार ने किया। चेन्नई निवासी बिमल कुमार एवं गुणमाला सौधर्म इंद्र-इद्राणी बनें।
त्यागी सेवा समिति के सुरेंद्र कुमार, अनिता ने बताया कि बंगलूरू वासियों को पहली बार श्रीफल महोत्सव के तहत रजत कलश के साथ भक्तमार विधान करने का सौभाग्य मिला। प्रतिष्ठाचार्य राजस्थान के संलुबर निवासी सुरेंद्र जैन ने विधि विधान, भक्ति गीतों के साथ पूजन कार्यक्रम को संपन्न कराया।
इस मौके पर कर्नाटका जैन एसोसिएशन के अध्यक्श ए जितेंद्र कुमार, उपाध्यक्श पी वाई राजेंद्र कुमार आदि मौजूद रहे।
अनिल दोसी, नरेंद्र शाह सागवाडा, कोमल जैन, सोमचंद जैन, इंद्र इंद्राणियों में निहालचंद पांड्या परिवार, पद्माप्रसाद जैन-जयश्री जैन, भेरूलाल गंगलाल परिवार, तेजराज-मैना देवी बाकलीवाल, बंसतीलाल-शशिप्रभा पाटनी बंगलूरू, प्रकाशचंद्र-सपना जैन इंदौर, किशोर जैन-सिंपी जैन सीकर, चैनरूप-शारदा बगडा गुवाहाटी, माया सेठी परिवार, विकास जैन-शालू जैन बंगलूरू, शांतिलाल टोग्या परिवार, अशोक कुमार-सुधा जैन मुख्य रूप से मौजूद रहे।
6 पत्रकार आज होंगे सम्मानित
देव, शास्त्र, गुरु का करें स्मरण
पुष्पगिरि प्रणेता आचार्य पुष्पदंत सागर महाराज ने कहा कि भक्तामर स्त्रोत का पाठ करने से पूण्योदय होता है। द्रव्य जितना कीमती होगा, लाभ उतना मिलता है। भक्तामर स्त्रोत का पाठ करने से कई परेशानी एवं कठिनाईयों से मुक्ति मिलती है। रोजाना देव, शास्त्र एवं गुरू का स्मरण करना चाहिए।
छह पत्रकार आज होंगे सम्मानित
मुनि पूज्य सागर महाराज ने बताया कि रविवार को धार्मिक श्रीफल परिवार टस्ट की तरफ से देश के छह पत्रकारों को सम्मानित किया जाएगा। पत्रकारिता के क्शेत्र में विशिश्ट कार्य एवं समर्पित योगदान के लिए पुरस्कार दिया जाता है।
रविवार को प्रसार भारती के सलाहकार संपादक राहुल महाजन को कर्पूरचंद कुलिश की स्मृति में दिया जाना श्रीफल पत्रकारिता पुरस्कार से सम्मानित किया जाएगा। भगवान बाहुबली स्मृति श्रीफल पत्रकारिता पुरस्कार अमित वाजपेयी (स्थानीय संपादक, राजस्थान पत्रिका, जयपुर संस्करण ), अतुल्य सागर स्मृति श्रीफल पत्रकारिता पुरस्कार पद्मराज दंडावती (कार्यकारी संपादक, प्रजावाणी, दैनिक पत्र बैंगलूरू ), अभिनदंन सागर श्रीफल पत्रकारिता पुरस्कार विजय जैन (डिप्टी न्यूज एडिटर, अमर उजाला) और चारूकीर्ति भट्टारक स्मृति श्रीफल पत्रकारिता पुरस्कार जनसत्ता के राजस्थान ब्यूरो हेड राजीव जैन को दिया जाएगा।
इस दौरान संस्कृति महोत्सव मनाया जाएगा। इस दौरान गुरुपूजन कार्यक्रम में 38 युवाओं द्वारा आचार्य का अष्ठ द्रव्य से पूजन, 38 युवक-युवती द्वारा पाद पूजन, 38 परिवारों द्वारा शास्त्र भेंट किया जाएगा। इस बार टीवी, प्रिंट, वेब पत्रकारिता के लिए यह पुरस्कार दिया जा रहा है। कार्यक्रम सुबह 9 बजे से शुरू हो जाएगा।