इससे पूर्व प्रेस कॉन्फ्रेंस में जस्टिस रंजन गोगई जस्टिस कुरियन जोसेफ, जस्टिस चेलामेश्वर और जस्टिस मदन भीमराव मौजूद रहे, जिसमें उन्होंने नाराजगी जताते हुए कहा- न्यायपालिका में कुछ ठीक नहीं है और अगर ऐसा ही रहा तो लोकतंत्र नहीं चल सकता। जजों ने कहा- कल को कोई ऐसा न कह दे की हमने अपनी आत्मा बेच दी है।
जस्टिस चेलमेश्वर ने कहा- हम नहीं चाहते कि हम पर कोई सवाल उठाए और न्यायपालिका की निष्ठा पर सवाल उठे। उन्होंने कहा कि हमने कई बार गड़बड़ियों को लेकर CJI से शिकायत की, लेकिन सब बेकार चला गया। किसी देश के लोकतंत्र के लिए जजों की स्वतंत्रता जरूरी है, इन हालात में तो लोकतंत्र सरवाइव नहीं कर पाएगा। उन्होंने बताया कि इस संबंध में उन्होंने सीजेआई को चिट्ठी भी लिखी थी लेकिन उस पर कोई जवाब नहीं आया। जजों ने वह चिट्टी मीडिया में भी दिखाई।
जब मीडिया ने जस्टिस लोया की संदिग्ध मौत पर सवाल उठाया तो जस्टिस रंजन गोगोई ने कहा कि केस को अलॉट किए जाने की जरूरत है।