प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने शनिवार को ओडिशा के कंधमाल में एक चुनावी रैली को संबोधित किया। इस दौरान उन्होंने दो बुजुर्ग महिलाओं से मुलाकात की। प्रधानमंत्री ने दोनों महिलाओं का ‘आप महान हो’ कहकर अभिवादन किया।
प्रधानमंत्री मोदी के मंच पर पहुंचते ही 80 वर्षीय तुला बेहरा और 85 वर्षीय पद्मश्री पूर्णमासी जानी ने उनका स्वागत किया। तुला भीख मांगकर अपनी आजीविका चलाती हैं। तुला बेहरा की पहचान वहां दानदाता के तौर पर हैं। उन्होंने भीख मांगकर एकत्रित धन से 2022 में स्थानीय जगन्नाथ मंदिर को एक लाख रुपए का दान दिया था।
वहीं, प्रधानमंत्री मोदी ने बुजुर्ग महिला पद्मश्री पूर्णमासी जानी से भी मुलाकात की और उनका आशीर्वाद लिया। कंधमाल के चारीपाड़ा गांव की रहने वाली जानी ने औपचारिक शिक्षा या डिग्री नहीं लेने के बावजूद क्षेत्र में ‘सनातन संस्कृति’ को बढ़ावा देने के उद्देश्य से कई कविताओं की रचना की है। उन्होंने घंटों तक निर्बाध धार्मिक भाषण दिए हैं।
बुजुर्ग बेहरा का आशीर्वाद पाकर अभिभूत हुए पीएम
प्रधानमंत्री मोदी ने अपने भाषण के दौरान कहा, ‘मैं कंधमाल में दो माताओं से मिलकर अभिभूत हूं। मुझे बताया गया कि बुजुर्ग महिला तुला बेहरा जी ने भीख मांगकर मंदिर को एक लाख रुपए का दान दिया है। जब मैंने उनसे पूछा कि वह मुझसे क्या चाहती हैं या जीवन में उनकी क्या आवश्यकता है, तो उन्होंने कहा कि भगवान जगन्नाथ के आशीर्वाद के अलावा और कुछ नहीं चाहिए। मैं उनका आशीर्वाद पाकर अभिभूत हूं।’
जानी के सम्मान में पीएम मोदी ने झुकाया सिर
अपने संबोधन में प्रधानमंत्री मोदी ने आगे कहा, ‘कंधमाल में दूसरी माता (जानी) का आशीर्वाद लेने का यह मेरा दूसरा मौका था। मैंने उनका अभिनंदन किया, लेकिन जब मैंने उनके पैर छूना चाहा तो उन्होंने शिष्टाचारवश मुझे ऐसा करने से रोक दिया। मैंने सम्मान में अपना सिर झुका लिया।’
पीएम ने चुनावी रैलियों में उठाया अश्मिता का मुद्दा
वहीं, प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने शनिवार को कंधमाल, बोलांगीर और बारगढ़ लोकसभा सीटों पर चुनावी रैलियों को संबोधित करते हुए ‘अश्मिता’ का मुद्दा उठाया। उन्होंने मुख्यमंत्री नवीन पटनायक के करीबी सहयोगी वीके पांडियन पर परोक्ष हमला किया। आरोप लगाया कि मौजूदा बीजद सरकार को ‘सुपर सीएम’ चला रहे हैं।
मोदी ने कहा, ‘मुझे यकीन है कि आपके मुख्यमंत्री बिना कागज की मदद के सभी 30 जिलों और उनके मुख्यालयों का नाम नहीं बता सकते’। उन्होंने कहा कि वह इस बारे में बोलने के लिए मजबूर हैं, क्योंकि भाजपा ने ओडिशा की अश्मिता को बचाने का फैसला किया है।