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मिजोरम : अब तक बारी-बारी से 10 साल एमएनएफ व कांग्रेस ने चलाई सरकार

Tue, 11 Dec 2018 02:09 AM IST
ब्यूरो/ अमर उजाला, आइजोल
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Congress, MNF
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पूर्वोत्तर राज्य मिजोरम में मंगलवार को क्या चुनावी परंपरा टूटेगी या फिर इसे बरकरार रखते हुए विपक्षी मिजो नेशनल फ्रंट (एमएनएफ) कांग्रेस को पछाड़ कर दस साल बाद सत्ता में वापसी करेगा? विधानसभा चुनावों के नतीजों से पहले राजधानी आइजल में इसी सवाल पर अटकलों का बाजार गर्म है।

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दरअसल, मिजोरम को पूर्ण राज्य का दर्जा मिलने के बाद से अब तक कांग्रेस और एमएनएफ ही बारी-बारी से दस-दस साल तक सरकार चलाते रहे हैं। कांग्रेस का दावा इस बार जीत की हैट्रिक लगाने का तो एमएनएफ का सत्ता में वापसी का है।

इस बार चुनाव में उतरे छह क्षेत्रीय दलों के गठबंधन जोरम पीपुल्स मूवमेंट (जेडपीएम), जद (यू), नेशनल पीपुल्स पार्टी और अन्य छोटे क्षेत्रीय दलों ने भी सत्ता के इन दोनों दावेदारों के समीकरण गड़बड़ा दिए हैं। भाजपा ने भी 40 में से 39 सीटों पर अपने उम्मीदवार उतारे हैं।
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ज्यादातर एग्जिट पोल परिणामों में राज्य में त्रिशंकु विधानसभा की बात कही गई है। लेकिन प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष व मुख्यमंत्री ललथनहवला दावा करते हैं कि कहीं कोई भ्रम नहीं है। पार्टी यहां लगातार तीसरी बार सरकार का गठन करेगी। दूसरी ओर, एमएनएफ के अध्यक्ष व पूर्व मुख्यमंत्री जोरमथांगा का दावा है कि उनकी पार्टी को अकेले अपने बूते पूर्ण बहुमत हासिल होगा
 

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किंगमेकर बन सकता है एक पूर्व आईपीएस अधिकारी

मिजोरम में विधानसभा चुनावों के नतीजे सामने आने के बाद एक पूर्व आईपीएस अधिकारी किंगमेकर की भूमिका में आ सकता है। त्रिशंकु विधानसभा की भविष्यवाणी के बाद तमाम निगाहें जोरम पीपुल्स मूवमेंट (जेडपीएम) के अध्यक्ष और पार्टी से मुख्यमंत्री पद के दावेदार लालदुहोमा पर टिक गई हैं।

एग्जिट पोल में छह क्षेत्रीय दलों को लेकर गठित जेडपीएम को तीन से आठ सीटें तक मिलने की बात कही गई है। राजनीतिक पर्यवेक्षकों का कहना है कि जेडपीएम को पांच सीटें मिलने की स्थिति में ही लालदुहोमा किंगमेकर बन सकते हैं। जेडपीएम की अहमियत को ध्यान में रखते हुए ही कांग्रेस और एमएनएफ, दोनों ही चुनाव प्रचार के दौरान जेडपीएम पर सीधा हमला करने से बचते रहे हैं।

कांग्रेस ने तो साफ कहा है कि तीसरी बार सरकार बनाने के लिए उसने समान विचारधारा वाली पार्टियों के साथ सहयोग का विकल्प खुला रखा है। एमएनएफ भी जेडपीएम को लुभाने में जुटी है। लेकिन लालदुहोमा ने साफ कहा है कि अब तक किसी ने उनके साथ संपर्क नहीं किया है। उनका दावा है कि उनकी पार्टी ही सरकार के गठन में अहम भूमिका निभाएगी। लालदुहोमा पूर्व प्रधानमंत्री इंदिरा गांधी के अंगरक्षक रह चुके हैं।
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