कर्नाटक में शुक्रवार को दो बड़े मामलों में अपडेट सामने आया। पहले केस में मंगलूरू में हमलावरों ने एक कार को बीच रास्ते रोककर उसमें सवाल पांच लोगों से मारपीट की। इस दौरान धारदार हथियार के हमले में एक शख्स गंभीर रूप से घायल हो गया। उसे अस्पताल में भर्ती कराया गया है। इसके अलावा एक अन्य मामले में दो पुलिस कर्मियों पर कार्रवाई की गई है। अनुपम अग्रवाल, पुलिस कमिश्नर ने बताया कि मंगलूरू ग्रामीण पुलिस स्टेशन के इंस्पेक्टर शिवकुमार, हेड कांस्टेबल चंद्रा पी और कांस्टेबल यल्लालिंगा को मॉब लिंचिंग मामले में निलंबित कर दिया गया है।
पहले जानिए सरेराह गुंडागर्दी की वारदात के बारे में
मंगलूरू सिटी पुलिस के मुताबिक, 1 मई को रात करीब 8:27 बजे किन्नीपदावु क्रॉस के पास मारपीट और हत्या की घटना की सूचना मिली। संजय, प्रज्वल, अन्विथ, लतीश और शशांक के साथ एक वाहन (KA-12-MB-3731) में यात्रा कर रहे सुभाष शेट्टी को स्विफ्ट कार और पिकअप वाहन में सवार हमलावरों के एक समूह ने रोक लिया। पांच से छह हमलावरों ने सुभाष शेट्टी पर घातक हथियारों से हमला किया, जिससे वह गंभीर रूप से घायल हो गए। उन्हें तुरंत एजे अस्पताल ले जाया गया, जहां उनकी मौत हो गई। बाजपे पुलिस स्टेशन में मामला दर्ज किया जा रहा है और आरोपियों को जल्द से जल्द पकड़ने के लिए कई टीमें बनाई गई हैं। मंगलूरू सिटी पुलिस त्वरित न्याय सुनिश्चित करने और कानून व्यवस्था बनाए रखने के लिए प्रतिबद्ध है। जांच आगे बढ़ने पर आगे की जानकारी साझा की जाएगी।
तुरंत निषेधाज्ञा लागू
इस बीच शहर में हाल ही बढ़ी आपराधिक घटनाओं को देखते हुए मंगलूरू सिटी पुलिस कमिश्नरेट ने भारतीय नागरिक सुरक्षा संहिता (बीएनएस), 2023 की धारा 163 के तहत तुरंत निषेधाज्ञा लागू कर दी है। यह आदेश आज 2 मई, 2025 को सुबह 6:00 बजे प्रभावी हुआ और 6 मई, 2025 को सुबह 6:00 बजे तक लागू रहेगा।
अब जानिए मॉब लिंचिंग वाली घटना के बारे में
घटना 27 अप्रैल को मंगलूरू के बाहरी इलाके कुडुपु गांव में एक मंदिर के पास क्रिकेट मैच के दौरान हुई। जब अशरफ नाम के युवक ने कथित तौर पर पाकिस्तान समर्थक नारे लगाए, जिसके बाद भीड़ द्वारा उसकी हत्या कर दी गई। मामले में पुलिस ने बताया कि अशरफ पर लाठी से हमला किया गया, जिससे उसे गंभीर चोटें आईं और अस्पताल में उसे मृत घोषित कर दिया गया।