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महाराष्ट्र में कीटनाशकों के प्रयोग से 18 किसानों की मौत पर मचा बवाल, 800 की हालत गंभीर

Sun, 08 Oct 2017 02:29 PM IST
amarujala.com- Presented by: ऋतुराज त्रिपाठी
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किसान अपनी फसल की सुरक्षा के लिए कीटनाशकों का प्रयोग करते ही हैं लेकिन पिछले कुछ समय से महाराष्ट्र के विदर्भ क्षेत्र के अकोला जिले में कीटनाशकों के छिड़काव के दौरान कई किसानों की मौत हो गई है। यवतमाल में कीटनाशकों के दुष्प्रभाव की वजह से 18 लोगों की मौत हो चुकी है और 800 किसान हॉस्पिटल में हैं। 
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जबकि 12 और मौतों की जांच की जा रही है कि क्या वो भी कीटनाशकों के दुष्प्रभाव की वजह से हुईं है। महाराष्ट्र सरकार ने इस समस्या का कारण ढूंढने के लिए एक हाई लेवल समिति का गठन किया है, और छिड़काव के वक्त कुछ सुरक्षा साधन को अनिवार्य किया गया है। 

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हॉस्पिटल में बीमार पड़े 800 किसान एक ही तरह की समस्या से पीड़ित हैं। उन्हें डायरिया, उल्टी, पेट दर्द और आंखों की रोशनी में समस्या का सामना करना पड़ रहा है। ये सारे मामले यवतमाल से सामने आ रहे हैं जिसे विदर्भ की किसान आत्महत्या की राजधानी कहते हैं। 
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जानकारी के अभाव में किसान कीटनाशकों के प्रयोग में सावधानी नहीं बरतते जिसका परिणाम उन्हें अपनी जान देकर चुकाना पड़ता है, जानकारी देने का काम कृषि विभाग का होता है। लेकिन उन्होंने क्या काम किया इस पर सवाल उठ रहे हैं।  

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3 अक्टूबर को सरकार ने मरने वाले किसानों के घर वालों को 2 लाख रुपये मुआवजा देने का ऐलान किया था । लेकिन परिवारों का कहना है कि सरकार को 10 लाख रुपये मुआवजा देना चाहिए। वहीं राज्य के कृषि मंत्री सदाभाऊ खोट ने कहा कि जिम्मेदार अधिकारियों को उत्तरदायी बनाया जाएगा।
 
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किसान नेता बोले- मामले को कोर्ट में ले जाएंगे

किसान नेता - फोटो : ANI
किसान नेता ने दावा किया कि यवतमाल में कीटनाशकों के दुष्प्रभाव की वजह से अब तक 20 लोगों की मौत हुई है और 700 से ज्यादा लोग हॉस्पिटल में हैं जबकि 25 लोगों ने अपनी आंखों की रोशनी खो दी। किसान नेता ने बताया कि किसानों को किसी भी तरह की सुविधा मुहैया नहीं कराई गई है। वे अपनी जिंदगी गंवा रहे हैं। हम इस मामले को कोर्ट में ले जाएंगे। 
  20 deaths so far in Yavatmal due to inhalation during spraying of pesticides,over 700 hospitalized,25 lost vision:Farmer leader #Maharashtra pic.twitter.com/UPS9jW94dt — ANI (@ANI) October 8, 2017

VNSSM के चेयरमैन किशोर तिवारी ने कहा कि हमारे प्रधान सचिव, क्वालिटी कंट्रोल के डायरेक्टर और डिजास्टर मैनेजमेंट टीम इस मामले की जांच में लगी है। उन्होंने कहा कि किसान जरूरी सावधानी नहीं बरत रहे हैं। उन्हें ज्यादा गर्मी के दौरान स्प्रे नहीं करना चाहिए। किशोर ने कहा कि इस मामले की जांच होगी और लगाई गई पाबंदी पर विचार करेंगे। 
  Our principal secy,Director Quality Control & Disaster Management team is active here:Kishore Tiwari,chairman of VNSSM on deaths in Yavatmal pic.twitter.com/bTUcPmZsG4 — ANI (@ANI) October 8, 2017


 
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