एनसीपी(एसपी) प्रमुख शरद पवार ने मंगलवार को कहा कि हाल ही में हुए लोकसभा चुनाव में महाराष्ट्र के मतदाताओं ने पूरे देश में संदेश दिया कि राज्य में माहौल बदल रहा है।पवार ने यह बात बारामती तहसील के निंबुत गांव में किसानों के साथ बातचीत के दौरान कही।
'हमने 10 सीटों पर चुनाव लड़ा और 8 में जीत दर्ज की'
उन्होंने कहा, ''हाल ही में संपन्न लोकसभा चुनाव में हमने (राकांपा-सपा) केवल 10 सीटों पर चुनाव लड़ा। लेकिन इन 10 में से आठ उम्मीदवारों को चुनकर जनता ने पूरे देश को संदेश दिया है कि राज्य का माहौल बदल रहा है। जो लोग (राज्य में) सत्ता में थे, उन्होंने 31 सीटें खो दीं और महा विकास अघाड़ी (एमवीए) को इतनी ही सीटों पर जीत मिली।”
पवार ने आगे कहा, "मतदाताओं द्वारा अपनी जिम्मेदारी निभाने के बाद, अब यह हमारी जिम्मेदारी है कि हम अपनी शक्ति का उपयोग कृषि संबंधी और पानी की कमी जैसे अन्य ज्वलंत मुद्दों को उजागर करने के लिए करें।"
पवार ने महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री एकनाथ शिंदे को पत्र लिखकर पुणे जिले की पुरंदर, बारामती, इंदापुर और दौंड तहसीलों में सूखे जैसी स्थिति से निपटने के लिए एक बैठक बुलाने की मांग की है।
पवार ने 16 जून को पत्र लिखा था, जिसे उन्होंने सोमवार को एक माइक्रो-ब्लॉगिंग साइट पर पोस्ट किया था, उसमें पवार ने कहा कि राज्य सरकार ने सूखे जैसी स्थिति को कम करने के लिए क्षेत्र में सिंचाई योजनाएं शुरू की थीं, लेकिन जब उन्होंने कुछ जगहों का दौरा किया तो पता चला कि योजनाओं का कार्यान्वयन सही से नहीं हुआ है। यही क्षेत्र का हा है।
'जिसने भी सत्ता का दुरुपयोग किया है जनता ने उन्हें नकार दिया'
बारामती के वडगांव निंबालकर गांव में एक सभा को संबोधित करते हुए उन्होंने कहा कि चुनाव के दौरान प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने महाराष्ट्र में कई सार्वजनिक बैठकें कीं और हर सार्वजनिक बैठक में उन्होंने मेरी आलोचना की। लेकिन चाहें वह प्रधानमंत्री हों या वह राज्य के मुख्यमंत्री हों, वो चाहें सत्ता का दुरुपयोग करें या धमकी दें, मतदाताओं ने उन्हें नकार दिया और चुनाव में सही पार्टी का बटन दबाया है।