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निचली अदालतों में हर तीसरी जज महिला,जबकि हाईकोर्ट में नौ जजों में एक ही- रिपोर्ट

Fri, 29 Jan 2021 04:30 AM IST
Jeet Kumar एजेंसी, नई दिल्ली।
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सांकेतिक तस्वीर - फोटो : social media
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इंडिया जस्टिस रिपोर्ट में दावा किया गया है कि औसतन देश की निचली अदालतों में हर तीसरी जज महिला है जबकि हाईकोर्ट में नौ जजों में एक ही है।

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रिपोर्ट के मुताबिक पिछले साल अगस्त तक देश में तेलंगाना की निचली अदालतों में सबसे अधिक 46.2 फीसदी महिला जज थीं, जबकि झारखंड में इनकी संख्या सबसे कम 12.1 फीसदी ही है। वहीं पांच राज्य ऐसे हैं जहां एक भी एकल महिला जज नहीं हैं।

टाटा ट्रस्ट की इंडिया जस्टिस रिपोर्ट के दूसरे संस्करण के मुताबिक औसत देश के तमाम हाईकोर्ट में महिला जजों की हिस्सेदारी 11 से 13 फीसदी की मामूल वृद्धि हुई है। जबकि निचली अदालतों में महिला जजों की संख्या 28 से 30 फीसदी बढ़ी। फिर भी दो साल की अवधि में 12 हाईकोर्ट और 27 निचली अदालतों में महिला जजों की हिस्सेदारी में सुधार हुआ है।
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रिपोर्ट के मुताबिक 2018 से अब तक मणिपुर, मेघालय, त्रिपुरा और उत्तराखंड के हाईकोर्ट में एक भी महिला जज नहीं हैं। इसी तरह गोवा की निचली अदालतों में सबसे अधिक 72 फीसदी महिला कर्मचारी हैं जबकि वहां हाईकोर्ट में महज 13 फीसदी महिला कर्मी हैं।
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इन तीन राज्यों में सबसे बड़ा सुधार
हाईकोर्ट में लिंग विविधता के मामले सबसे बड़ा सुधार जम्मू-कश्मीर (15 फीसदी), छत्तीसगढ़ (14 फीसदी) और हिमाचल प्रदेश (11 फीसदी) में हुआ है। रिपोर्ट के मुताबिक पहले इन तीनों राज्यों में एक भी महिला जज नहीं थीं। वहीं 6.3 फीसदी की सबसे बड़ी गिरावट बिहार में आई। अगस्त 2020 में बिहार हाईकोर्ट में एक भी महिला जज नहीं थीं।  

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