समाजवादी पार्टी के नेता मुलायम सिंह यादव ने लोकसभा में जम्मू-कश्मीर के पूर्व मुख्यमंत्री और मौजूदा सांसद फारूक अब्दुल्ला की नजरबंदी का मुद्दा उठाया है। मुलायम ने प्रश्नकाल के दौरान सरकार से यह जानना चाहा कि अब्दुल्ला को हिरासत से कब रिहा किया जाएगा।
मुलायम ने स्पष्ट शब्दों में पूछा कि 'कब अब्दुल्ला सदन में वापसी करेंगे।' दुखी होकर उन्होंने कहा कि 'हमारे सहयोगी हमारे साथ ही सदन में बैठते थे।' मुलायम के इस सवाल पर स्पीकर ओम बिरला ने तवज्जो न देते हुए सदन की कार्यवाही आगे बढ़ाई और अगले मुद्दे पर बातचीत शुरू कर दी।
वैसे बता दें कि, अब्दुल्ला को पहली बार पांच अगस्त,2019 को अनुच्छेद 370 हटने के बाद नजरबंद किया था। उनके साथ ही उनके बेटे उमर अब्दुल्ला और पीडीपी नेता महबूबा मुफ्ती को भी नजरबंद किया था।
बीते हफ्तेेेे गुरुवार को जन सुरक्षा कानून के तहत फारूक अब्दुल्ला, उमर अब्दुल्ला और महबूबा मुफ्ती के खिलाफ मामला दर्ज हुआ था। इस कानून के अनुसार सार्वजनिक सुरक्षा के चलते किसी भी व्यक्ति को दो साल तक बिना मुकदमा गिरफ्तार किया जा सकता है या फिर उसे नजरबंद किया जा सकता है।