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केरल: एक और 'निर्भया' से दरिंदगी, बर्बर मामले में मिली फांसी की सजा

Fri, 15 Dec 2017 09:17 AM IST
एजेंसी, कोच्चि
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रेप आरोपी अमीरुल
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केरल में पिछले साल कानून की 30 वर्षीय दलित छात्रा के बलात्कार और हत्या के सनसनीखेज मामले में दोषी पाए गए अमीरुल इस्लाम को कोच्चि की एक अदालत ने बृहस्पतिवार को मौत की सजा सुनाई। एर्नाकुलम की प्रधान सत्र अदालत के न्यायाधीश एन अनिल कुमार ने असम से यहां आए प्रवासी मजदूर इस्लाम को नजदीक के ही पेरुंबावूर में कानून की छात्रा की हत्या करने के मामले में मौत की सजा सुनाई। 
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इस्लाम को भारतीय दंड संहिता की धारा 376 (ए) के तहत दोषी पाया गया, जिसके बाद उसे महिला के बलात्कार के मामले में उम्र कैद की सजा सुनाई गई। अदालत ने मामले में सजा सुनाने को लेकर बुधवार को अभियोजन और बचाव पक्ष की दलीलें सुनी। 

बचाव पक्ष के वकील ने मामले में निष्पक्ष जांच की मांग करते हुए आवेदन दाखिल किया था। उनकी दलील थी कि अभियुक्त सिर्फ अपनी मातृभाषा असमी समझता है और केरल पुलिस ने उसके साथ निष्पक्ष व्यवहार नहीं किया। बहरहाल, अदालत ने बचाव पक्ष के वकील की ओर से दाखिल आवेदन को यह कहते हुए खारिज कर दिया कि यह आवेदन कानून के मुताबिक नहीं है।
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अभियोजक पक्ष ने दलील दी कि जिस क्रूर तरीके से 30 वर्षीय कानून की छात्रा का बलात्कार और हत्या की गई वह दुर्लभ से दुर्लभतम की श्रेणी में आता है। उन्होंने कहा कि इस मामले में दोषी को मौत की सजा सुनाई जानी चाहिए। अभियोजक पक्ष ने कहा कि जिस पैशाचिक और बर्बर तरीके से निहत्थी महिला पर यह अपराध किया गया वह ठीक उसी तरह का है जैसा वर्ष 2012 में नई दिल्ली में निर्भया के साथ हुआ था। इस्लाम के वकील ने कहा कि वह दोषी नहीं है और पुलिस ने उसे इस मामले में फंसाया है।
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घटना के 50 दिन बाद गिरफ्तार किया गया था इस्लाम

गिरफ्तार - फोटो : FILE PHOTO
मामले की जांच कर रहे विशेष जांच दल ने अपराध में इस्लाम की संलिप्तता साबित करने के लिए डीएनए तकनीक और कॉल रिकॉर्ड की जानकारियों का सत्यापन करने के तरीके का इस्तेमाल किया। इस्लाम पर 28 अप्रैल 2016 को पेरुंबावूर में महिला का बलात्कार और हत्या करने का आरोप लगाया गया। गत वर्ष अप्रैल से शुरू हुए मुकदमे के दौरान 100 गवाहों के बयान दर्ज किए गए।

घटना के तुरंत बाद पेरुंबावूर छोड़ने वाले इस्लाम को इस सनसनीखेज घटना के 50 दिन बाद तमिलनाडु के कांचीपुरम से गिरफ्तार किया गया। इस मामले में 100 से अधिक पुलिस कर्मियों ने 1,500 से ज्यादा लोगों से पूछताछ की। गरीब परिवार से ताल्लुक रखने वाली महिला का उसके घर पर हत्या किए जाने से पहले नुकीले औजारों से बर्बर तरीके से उत्पीड़न किया गया। 
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