फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

आतंकवादियों का नायाब इनोवेशन, भारत, दक्षिण पूर्वी एशिया के देशों पर ‘लोन वुल्फ’ हमले का खतरा

Tue, 03 Oct 2017 06:15 AM IST
गुंजन कुमार, नई दिल्ली
विज्ञापन
विज्ञापन
अमेरिका और यूरोप की सटीक खुफिया और ठोस सुरक्षा व्यवस्था की काट में आतंकी ‘लोन वुल्फ’ यानि अकेले हमले करने का नया प्रयोग कर रहे हैं। सुरक्षा विशेषज्ञों का मानना है कि योजनाबद्ध व परंपरागत बड़े आतंकी हमले और लोन वुल्फ हमलों की श्रृंखला का समान असर हो रहा है।
विज्ञापन


एजेंसियों के मुताबिक, अब भारत समेत पूरे दक्षिण पूर्वी एशिया के देशों में लोन वुल्फ हमलों का गंभीर खतरा मंडरा रहा है। भारतीय सुरक्षा एजेंसियों के मुताबिक लोन वुल्फ जैसी घटना की खुफिया जानकारी हासिल करना लगभग असंभव है।

ऐसे हमलावर आमतौर पर स्थानीय नागरिक होते हैं जो इस्लामिक स्टेट (आईएस) जैसे आतंकी संगठनों से सोशल साइटों के जरिये संपर्क में रहते हैं। इन पर एजेंसियों का शक नहीं जाता। ऐसे हमलावर आतंकी सोच और धार्मिक उन्माद को चुपचाप पालते रहते हैं। मौका मिलते ही आम नागरिकों को निशाना बनाकर सरकार को सीधी चुनौती देते हैं।
विज्ञापन


इसके उलट आतंकी नेटवर्क के जरिये कई लोगों का इस्तेमाल कर हमला करने की योजना को सतर्क एजेंसियां कहीं ना कहीं पकड़ लेती हैं। सुरक्षा विशेषज्ञ लेफ्टिनेंट जनरल अता हसनैन ने अमर उजाला से बातचीत में कहा कि लोन वुल्फ हमला आतंकवादियों का नायाब इनोवेशन है।

इसने अमेरिका और यूरोपीय देशों की ठोस सुरक्षा व्यवस्था में जबरदस्त सेंध लगाई है। उनकी अति उन्नत खुफिया व्यवस्था इसका तोड़ नहीं ढूंढ पा रही है। हसनैन के मुताबिक अब भारत समेत पूरे दक्षिण पूर्वी एशिया में भी ऐसे हमलों का गंभीर खतरा है। बांग्लादेश से लेकर फिलीपींस तक आईएस का प्रभाव बढ़ रहा है।

भारत में भी ऐसे हमले की संभावना कत्तई इनकार नहीं किया जा सकता। सेना की उत्तरी कमान के प्रमुख रहे हसनैन ने कहा कि भारत की सुरक्षा और खुफिया व्यवस्था बहुत मजबूत हुई है। यही वजह है कि जम्मू-कश्मीर को छोड़ दिया जाए तो देश के बाकी हिस्सों और महानगरों में लंबे समय से बड़ा आतंकी हमला नहीं हो सका है। इस स्थिति में लोन वुल्फ जैसे हमले की पूरी आशंका है। कश्मीर में अब तक तीन फिदायीन हमले हुए हैं। लेकिन वे आतंकी नेटवर्क की मदद से किए गए थे। 
विज्ञापन
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें