प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी
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प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने शुक्रवार को ही ऐसी घटनाओं पर अफसोस जताया था और राज्य सरकारों से ऐसी घटनाओं पर रोक लगाने के लिए कहा था। इसके पहले सुप्रीम कोर्ट भी राज्यों से भीड़ द्वारा हो रही हिंसक घटनाओं पर रोक के निर्देश दे चुका है।
साल 2017 में प्रधानमंत्री मोदी महात्मा गांधी के पूर्व निवास साबरमती आश्रम के 100 साल पूरा होने के समारोह में हिस्सा लेने पहुंचे थे। प्रधानमंत्री मोदी ने कहा था कि गायों की रक्षा के नाम पर किसी की भी हत्या अस्वीकार्य है। उन्होंने कहा था कि देश में किसी को यह अधिकार नहीं कि वह कानून अपने हाथ में ले। उन्होंने कहा, "गोभक्ति के नाम पर हो रही हत्याएं स्वीकार्य नहीं है। यह ऐसी चीज नहीं है जिससे महात्मा गांधी सहमत होते।" मोदी ने कहा था, "हम कैसे लोग हैं गाय के नाम पर इंसान को मारते हैं।"
इससे पहले साल 2016 में अगस्त के महीने में प्रधनमंत्री मोदी ने कथित गोरक्षकों की आलोचना करते हुए धर्म के नाम पर अपराध करने वालों के खिलाफ कार्रवाई की बात की थी। मोदी ने कहा था कि गोरक्षा की आड़ में आपराधिक पृष्ठभूमि के लोग वारदातों को अंजाम दे रहे हैं। लेकिन गोहत्या और गोमांस खाने के शक में मुसलमानों को निशाना बनाये जाने की घटनाएं तब भी जारी रहीं।
देश में बहुसंख्यक आबादी हिंदुओं के लिए गाय पवित्र है और कई राज्यों में गोहत्या पर प्रतिबंध है। देश के विभिन्न इलाकों और खासतौर पर उत्तर और पश्चिमी क्षेत्रों में खुद को गोरक्षक बताने वाले समूह घूम-घूम कर आती-जाती गाड़ियों की जांच करते हैं।