आचारसंहिता को ताक पर रख कर लोगों की शिकायतों की सुनवाई कर रहे मुख्यमंत्रियों और मंत्रियों पर चुनाव आयोग का डंडा चलेगा। मुख्यमंत्रियों, मंत्रियों और राजनीतिक तौर पर वैधानिक निकायों में नियुक्त पदाधिकारियों द्वारा जन-सुनवाई करने पर चुनाव आयोग ने रोक लगा दी है।
चुनाव आयोग के पास उत्तर प्रदेश, पंजाब और उत्तराखंड समेत कई राज्यों में इस तरह की सुनवाई करने की शिकायतें आ रही थी। आयोग का मानना है कि इस तरह की सुनवाई के जरिये मतदाताओं को सीधे या अप्रत्यक्ष तौर पर प्रभावित किया जा सकता है।
आयोग ने अपने आदेश में कहा है कि मुख्यमंत्रियों, मंत्रियों और वैधानिक पदों पर नियुक्त पदाधिकारियों की जगह इस तरह की शिकायतों का निपटारा सचिव स्तरीय के अधिकारी करें। राज्यों के मुख्य सचिवों को इसके लिए प्रबंध करने के लिए कहा है।