उपराष्ट्रपति वेंकैया नायडू ने कहा कि विद्यार्थी विदेश जाने की बजाय अपने शहर, राज्य, देश और समाज के लिए कुछ करें और उसे आगे ले जाएं। उपराष्ट्रपति इंडिया एक्सपो मार्ट एंड सेंटर में बुधवार को आयोजित बिरला इंस्टीट्यूट ऑफ मैनेजमेंट एंड टेक्नोलॉजी (बिमटेक) के 30वें दीक्षांत समारोह में बोल रहे थे। इस दौरान 423 विद्यार्थियों को डिप्लोमा दिया गया।
समारोह में प्रबंधन के विद्यार्थियों और शिक्षकों को कोर्स पूरा करने और नए जीवन में प्रवेश करने पर बधाई देते हुए उपराष्ट्रपति ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के आरपीटी (रिफॉर्म, परफॉर्म एंड ट्रांसफॉर्म) का मूलमंत्र समझाया। उपराष्ट्रपति ने कहा कि सूर्य, हिमालय और गंगा समेत प्राकृतिक संसाधनों की भरमार है। इनका उपयोग कर युवा देश को विकास की राह पर ले जा सकते हैं। कई देश हमसे आगे पहुंच गए हैं। हमें विश्व गुरु बनना है।
उन्होंने कहा कि कई छोटे देशों ने भारत पर हमला किया, लूटा और हम पर अत्याचार और शासन किया, लेकिन भारत कभी किसी देश पर हमला न कर वसुदैव कुटुंबकुम की नीति पर चला। समारोह में बिमटेक के निदेशक डॉ. हरिवंश चतुर्वेदी ने वार्षिक रिपोर्ट प्रस्तुत की। समारोह में जिले के प्रभारी मंत्री जय प्रताप सिंह, बिमटेक के बोर्ड ऑफ डायरेक्टर जयश्री मोहता समेत अन्य मौजूद रहे।
नोटबंदी और जीएसटी की सराहना
उपराष्ट्रपति ने मोदी सरकार की नोटबंदी और जीएसटी के फैसलों की सराहना करते हुए कहा कि जिन लोगों ने घरों में वर्षों से काला धन छुपा रखा था, कम से कम नोटबंदी होने से वह बैंकों तक पहुंचा और बैंकों ने ब्याज दर कम की। इसी तरह से उन्होंने जीएसटी को भी भविष्य में भारत के लिए बेहद लाभदायक करार दिया।
इन छात्रों को गोल्ड मेडल से नवाजा
आदित्य वर्धन, शल्लिका सिंह, यशस्वी अग्रवाल, प्रवीण कुमार, सोनाली गुप्ता, रोंसी सारा थॉमस, आदित्य वर्धन, दिव्या नेगी, माधुरी जे. शेठ, सुजाता, अमरेंद्र पांडेय और डॉ. हिमांशु गुप्ता को गोल्ड मेडल दिया गया।