अगस्ता वेस्टलैंड वीवीआईपी हेलिकॉप्टर मामले में प्रवर्तन निदेशालय ने कारोबारी श्रवण गुप्ता समेत छह लोगों के घरों पर छापा मारा है। ये जानकारी सरकारी अधिकारियों ने दी, श्रवण गुप्ता रियल एस्टेट कंपनी इमार एमजीएफ के पूर्व प्रबंध निदेशक रहे हैं।
अधिकारियों का कहना है कि श्रवण गुप्ता के घर की तलाशी इसलिए ली गई ताकि 3,727 करोड़ के घोटाले को लेकर कोई सबूत मिल जाए। अधिकारियों ने बताया कि ईडी ने यह कदम मनी लॉन्ड्रिंग कानून के तहत उठाया है। हालांकि छापेमारी के दौरान गुप्ता और उनके प्रवक्ता की ओर से कोई टिप्पणी नहीं ली जी सकी। साल 2016 में उनसे इस बारे में सवाल किया गया था।
मौजूदा समय में श्रवण गुप्ता रियल एस्टेट कंपनी इमार एमजीएफ के प्रोमोटर हैं। हालांकि इमार कंपनी की ओर से बयान जारी कर कहा गया है कि हाल में श्रवण गुप्ता कंपनी की किसी भी भूमिका में नहीं है। बयान में बताया गया कि इमार और एमजीएफ कुछ साल पहले ही अलग हो गए थे और श्रवण गुप्ता की इमार इंडिया में कोई भूमिका नहीं है।
बयान में जानकारी दी गई कि इमार इंडिया फिलहाल इमार प्रॉपर्टीज पीजेएससी, दुबई के तहत आती है। कंपनी ने अपने बयान में बताया कि एक जिम्मेदार कॉर्पोरेट कंपनी होने के नाते इमार इंडिया भारत सरकार को पूरा सहयोग देगी।
अधिकारियों का मानना है कि श्रवण गुप्ता का यूरोपियन बिचौलिए गुइडो हेचके के साथ संबंध है, जिसका भारत में रिश्वत का पैसा लाने में सबसे बड़ा हाथ रहा है। साल 2009 में गुइडो इमार-एमजीएफ में निदेशक के तौर पर कार्यरत था। प्रवर्तन निदेशालय ने अगस्ता वेस्टलैंड वीवीआईपी हेलिकॉप्टर की खरीद पर मनी लॉन्ड्रिंग का मामला दर्ज किया है।
प्रवर्तन निदेशालय ने साल 2018 में श्रवण गुप्ता की 10.28 करोड़ रुपये की संपत्ति को जब्त कर लिया था। श्रवण गुप्ता पर स्विस बैंक में अज्ञात जमा कराने का आरोप था।