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पहले बातों में फंसाकर फिर ब्लैकमेल कर जानकारी लेती हैं महिलाएं, जानें क्या है 'हनी ट्रैप'

Sat, 22 Oct 2016 03:47 PM IST
टीम डिजिटल/अमर उजाला, नई दिल्ली
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विसिलब्लोअर सी एडमंड्स एलन ने पीएमओ को लेटर लिखकर नया खुलासा किया है। उनके मुताबिक, बीजेपी सांसद वरुण गांधी को फांसने के लिए 'हनी ट्रैप' का इस्तेमाल किया गया है।  उसने अपनी बात को पुख्ता करने कि लिए दर्जनों फोटोग्राफ और वीडियो भी दिए हैं। इसके बाद से ही 'हनी ट्रैप' चर्चा का विषय बना हुआ है। 
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दुश्मन का राज जानने के लिए महिला जासूस को हथियार के रूप में इस्तेमाल करना ही 'हनी ट्रैप' कहलाता है। इसमें दुश्मन सेंध लगाकर अहम दस्तावेज और खुफिया जानकारी जुटा लेता है। पाकिस्तानी एजेंसी आईएसआई से जुड़ी दो महिलाओं ने भी हाल-फिलहाल में भारतीय सेना के जवानों से दोस्ती बनाकर कुछ जरूरी दस्तावेज लिए थे, इसकी भी चर्चा रही है।

'हनी ट्रैप' से जुड़ी महिला दोस्ती की आड़ में पहले शिकार बनाती हैं और बाद में उन्हें ब्लैकमेल तक करती हैं। आपत्तिजनक तस्वीर, बातचीत का कोई डिटेल या फिर दूसरे कोई सबुत हासिल हो जाते हैं तो वह धमकी देती है और फिर शख्स से अहम जानकारियां हासिल कर लेती हैं।
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अपने जाल में फंसाती है महिला जासूर

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'हनी ट्रैप' के जरिए एक महिला जासूस को बकायदा जिम्मेदारी दी जाती है कि वह संबंधित अधिकारी, नेता या ऊंचे पदों पर बैठे व्यक्ति को प्यार के जाल में फंसाकर जरूरी सूचनाएं जुटा ले। 

'हनी ट्रैप' का चलन काफी सालों से चल रहा है। भारत ही नहीं दुनिया में दुश्मनों को राज जानने के लिए कई बार इसका सहारा लिया जाता रहा है। जर्मनी, फ्रांस और रूस जैसे देशों में कई बार इसका प्रयोग होते देखा गया है।  अह इसी हथियार का प्रयोग पाकिस्तानी एजेंसी आईएसआई भारत में कर रही है। 
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सोशल नेटवर्किंग साइट्स का करती हैं प्रयोग

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सुरक्षा एजेंसियों के मुताबिक, आईएसआई सोशल नेटवर्किंग साइट्स के जरिए डिफेंस पर्सनल को फंसाने में लगी हुई है। इसके लिए वह ट्रेंड महिलाओं को हायर कर रही है। वे पहले सोशल मीडिया और फिर फोन पर लच्छेदार बातें कर अपने जाल में फंसाती हैं। सोशल मीडिया पर फ्रेंड रिक्वेस्ट इसकी पहली सीढ़ी होती है।

पठानकोट आतंकी हमले के बाद रक्षा मंत्रालय ने गाइडलाइंस जारी की थी। इसमें इंडियन आर्मी, एयर फोर्स और नेवी के अधिकारियों और जवानों से कहा गया कि वे फेसबुक या फिर व्‍हाट्सऐप को प्रयोग करते समय सावधानी बरतें। अधिकारियों से यूनिफॉर्म में प्रोफाइल फोटो नहीं लगाने और अपनी पोस्टिंग की लोकेशन भी शेयर नहीं करने को कहा गया था।
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