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लालकिले से अब तक दिये गए प्रधानमंत्री मोदी के चार भाषणों की मुख्य बातें

Sat, 11 Aug 2018 11:54 AM IST
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
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लाल किले की प्राचीर से देश को संबोधित करते प्रधानमंत्री
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वर्ष 2014 में सत्ता संभालने के बाद लालकिले की प्राचीर से 15 अगस्त को अपने पहले संबोधन में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने देश और समाज में आमूलचूल परिवर्तन का आह्वान किया था। अपने पहले ही भाषण में उन्होंने साफ किया कि उनकी सरकार ऐसा बहुत कुछ करने जा रही है जो अब तक नहीं हुआ है।

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उन्होंने कहा कि सरकार एक असेम्बल्ड एन्टिटी नहीं, लेकिन एक ऑर्गेनिक युनिटी  बने, ऑर्गेनिक एन्टिटी बने। एकरस हो सरकार - एक लक्ष्य, एक मन, एक दिशा, एक गति, एक मति – इस मुक़ाम पर हम देश को चलाने का संकल्प करें। देश में बड़ रही बलात्कार और यौन शोषण की घटनाओं पर चिंता व्यक्त करते हुए प्रधानमंत्री ने महिलाओं को बेहतर सुरक्षा देने का वायदा किया और कहा कि देश के लोग और खास तौर से युवा हिंसा छोड़ सद्भावना और भाईचारे का रास्ता अपनाएं और हम देश को आगे ले जाने का संकल्प करें।

पहले संबोधन में पीएम ने प्रधान मंत्री जनधन योजना के साथ-साथ अपने डिजिटल इंडिया के सपने का भी खाका खींचा। उन्होंने कहा कि हमारा सपना "डिजिटल इंडिया" है। जब मैं "डिजिटल इंडिया" कहता हूं, तब ये बड़े लोगों की बात नहीं है, यह गरीब के लिए है। पीएम ने घर-घर शौचालय बनवाने की अपनी महत्वाकांक्षी योजना के बारे में भी बताया और सांसद के नाम पर सांसद आदर्श ग्राम योजना का एलान किया। इसी के साथ योजना आयोग की जगह नीति आयोग के बारे में भी खुलासा किया।

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स्वच्छता की सौगात

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साल 2015 में प्रधानमंत्री ने साम्प्रदायिक सद्भाव पर सबसे पहले अपना नजरिया रखा। उन्होंने कहा कि हमारी एकता, हमारी सरलता, हमारा भाई-चारा, हमारा सद्भाव यह हमारी बहुत बड़ी पूंजी है। इस पूंजी को कभी दाग नहीं लगना चाहिए, कभी उसे चोट नहीं पहुंचनी चाहिए। अगर देश की एकता बिखर जाए तो सपने भी चूरचूर हो जाते हैं।

जातिवाद के जहर को, सांप्रदायिकतावाद के जुनून को किसी भी रूप में जगह नहीं देनी है, पनपने नहीं देना है। उन्होंने 125 करोड़ भारतवासियों को टीम इंडिया का नाम दिया और सभी से देश को विकास के रास्ते पर आगे ले जाने का आह्वान किया। सामाजिक सुरक्षा पर बल देने के साथ ही पीएम ने स्वच्छता की अपनी मुहिम और घर-घर शौचालय का निर्माण कराने की अपनी पिछली बात को दोहराया।

प्रधानमंत्री ने कहा कि 2019 में पूरा देश महात्मा गांधी की 150वीं जयंती मनाएगा और राष्ट्रपिता को स्वच्छता की सौगात देना ही उन्हे सबसे बड़ी श्रद्धांजलि होगी। पीएम ने श्रम कानूनों में सुधार और स्टार्ट अप इंडिया तथा स्टैंड अप इंडिया जैसी योजनाओं के बारे में अपनी बात देशवासियों तक पहुंचाई। 

गरीबी से जंग का संकल्प

15 अगस्त 2016 में पीएम मोदी ने अपने तीसरे भाषण में अपनी सरकार की कई योजनाओं का ब्योरा दिया और काम का लेखा-जोखा प्रस्तुत किया। उन्होंन कहा कि विविधता में एकता ही हमारी सबसे बड़ी ताकत है। उन्होंने कहा कि हमारा देश हिंसा को कभी सहन नहीं करेगा। ये देश आतंकवाद को कभी सहन नहीं करेगा, ये देश आतंकवाद के सामने कभी झुकेगा नहीं, माओवाद के सामने कभी झुका नहीं। प्रधानमंत्री ने गरीबी से लड़ाई का संकल्प दोहराया और सबके विकास के साथ समृद्धि की कामना की।
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न्यू इंडिया की कामना

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15 अगस्त 2017 को प्रधानमंत्री ने लालकिले से 2022 तक अपने सपनों का ‘नया भारत’ बनाने का आह्वान किया था। उन्होंने कहा कि 2022 में सामूहिक शक्ति के द्वारा हम परिवर्तन ला सकते हैं। न्यू इंडिया में हर किसी को समान अवसर मिले, यहां पर भारत का विश्व में दबदबा बने।

हम अगले पांच साल के लिए न्यू इंडिया का संकल्प लें। प्रधानमंत्री ने ने कहा कि 21वीं शताब्दी में जन्मे लोगों के लिए 2018 खास है, वे सब इस साल 18 वर्ष के हो जाएंगे, वे देश में अपना योगदान दे सकते हैं। अपनी कुछ योजनाओं की कामयाबी का जिक्र करते हुए उन्होंने कहा कि आज भारत की साख विश्व में बढ़ रही है।

आज आतंकवाद के खिलाफ कार्रवाई में पूरा विश्व हमारे साथ है। लोग हमें तमाम जानकारी दे रहे हैं। कालेधन पर हमारा साथ दे रहा है। भारत की शांति और सुरक्षा में भी वैश्विक संबंध हमारे काम आ रहा है। इसी के साथ प्रधानमंत्री कश्मीर को फिर से स्वर्ग बनाने का संकल्प लिया। प्रधानमंत्री ने कहा कि जिस गरज से नोटबंदी की गई उसमें भी सरकार को कामयाबी मिली है और काले धन पर लगाम कसी है। उन्होंने दावा किया कि जीएसटी के कारण क्षमताओं में बढ़ोतरी हुई है।

प्रधानमंत्री ने 2022 तक एक नए भारत यानी न्यू इंडिया के संकल्प के साथ अपने भाषण का समापन किया।
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