राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (आरएसएस) की तीन साल में एक बार होने वाली बैठक शुक्रवार को होगी। बैठक में अगले तीन साल के लिए एजेंडा तैयार होगा और आगे उठाए जाने वाले कदमों के बारे में निर्णय लिया जाएगा। बैठक में अखिल भारतीय प्रतिनिधि सभा अगले सरकार्यवाह (महासचिव), संगठन के कार्यकारी प्रमुख का चुनाव करेगी।
यह कार्यकारी प्रमुख 10 मार्च के बाद संघ के दैनिक कार्यों की देखरेख करेगा। खबरों के अनुसार आरएसएस के नेतृत्व में भी बदलाव हो सकता है। वर्तमान में भैयाजी जोशी सरकार्यवाह हैं जो सरसंघचालक मोहन भागवत के बाद नंबर दो पर हैं। आरएसएस के प्रचार प्रमुख भैयाजी जोशी ने कहा की इस बैठक में 1500 प्रतिनिधियों के शामिल होने की उम्मीद है। बैठक में 9 मार्च को भाजपा अध्यक्ष अमित शाह और पार्टी महासचिव राम माधव के भी शामिल होने की उम्मीद है।
आरएसएस के प्रति युवाओं में बढ़ रहा लगाव
वैद्य ने कहा कि हाल के समय में
युवाओं की आरएसएस में रुचि बढ़ी है। वैद्य ने कहा कि पिछले साल देश में और विदेशों से करीब 1.25 लाख से अधिक युवाओं ने संगठन से संपर्क किया। साल 2013 में 30 साल से कम के 28 हजार लोगों ने आरएसएस से संपर्क किया था जबकि साल 2014 से 2016 के अंत तक यह संख्या बढ़ कर 80 हजार को पार कर गई। वैद्य ने कहा कि संघ से जुड़ने की इच्छा व्यक्त करने वालों में अधिकतर एनआरआई युवा व
महिलाएं हैं।