वहीं उत्तर प्रदेश, गुजरात, हरियाणा, पंजाब और आंध्र प्रदेश में भी आज गायों की तुलना में भैंस ज्यादा हैं। 2019 की पशुगणना के मुताबिक पश्चिम बंगाल गायों के मामले में यूपी से आगे निकलकर नंबर एक हो गया है। कर्नाटक में बिल लाया गया है, वो दूसरे राज्यों में बने कानूनों के विपरीत है।
कर्नाटक से पहले महाराष्ट्र में जब देवेंद्र फडणवीस की सरकार थी, तो पशुवध विरोधी सबसे कठोर कानून बनाया गया था। महाराष्ट्र पशु संरक्षण अधिनियम 2015 ने सांडों और बैलों के वध को अपराध बना दिया है। ऐसा करने पर पांच साल की सजा हो सकती है। हालांकि इससे पहले का कानून केवल गायों तक सीमित था, जिसमें मात्र छह महीने की जेल थी।
वहीं यूपी और मध्यप्रदेश में अब तक भैंस का वध करने का अपराध नहीं बताया गया है। कर्नाटक के कानून के मुताबिक अगर किसी मवेशी की उम्र 13 साल से ज्यादा है तो उसे मारा जा सकता है, हालांकि डेयरी उद्योग वाले लोग इसे ठीक नहीं मान रहे हैं।