कोरोना वायरस ने जहां पूरी दुनिया को संकट की स्थिति में डाला है, वहीं पर्यावरण के लिए अच्छा भी रहा है। लॉकडाउन से दुनियाभर के देशों में औद्योगिक गतिविधियां बंद रहीं, लोग घरों में कैद रहे, जिसके कारण पर्यावरण कुछ हद तक साफ हुआ है। परंतु वैज्ञानिक इस बात से चिंतित हैं कि तपती गर्मी, तूफान और टिड्डी दल कब कहर ढाने के लिए आ जाएंगे पता नहीं? ऐसे में हम इंसान आखिर कहां जाएंगे?
जलवायु परिवर्तन का प्रभाव ही है कि तय समय से पहले ही तूफान बनने लगे हैं। वैज्ञानिकों को चिंता है कि तूफान, बढ़ती गर्मी जैसी बदलती जलवायु परिस्थितियों में टिड्डी दल के आक्रमण जैसी घटनाएं आने वाले समय में और भी घातक हो सकती हैं।