भारत के कई हिस्सों में मानसून का सीजन धीरे-धीरे खत्म हो रहा है। भारतीय मौसम विभाग (आईएमडी) ने कहा कि देशभर में बारिश अब कम हुई है। आईएमडी के अधिकारियों ने कहा कि इस मानसून के सीजन में अगस्त में 44 वर्षों में सबसे अधिक वर्षा हुई है, लेकिन अब पूरे देश में बारिश कम हो रही है।
सितंबर के पहले तीन दिनों में 27.5 फीसदी कम बारिश हुई है। वैज्ञानिकों ने कहा कि उत्तर-पश्चिम और प्रायद्वीपीय भारत के कुछ हिस्सों में भारी वर्षा की छोटी घटनाओं के बाद भी मौसम की स्थिति काफी हद तक शुष्क रहने की संभावना है।
राष्ट्रीय मौसम पूर्वानुमान केंद्र (एनडब्ल्यूएफसी), आईएमडी के एक वरिष्ठ वैज्ञानिक आरके जेनामनी ने कहा, आने वाले एक सप्ताह तक बारिश की कोई संभावना नहीं है। उत्तर-पश्चिम भारत और दक्षिणी प्रायद्वीप में भारी वर्षा की कुछ छिटपुट घटनाओं के बाद मानसून का मौसम खत्म हो जाएगा।
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प्रायद्वीपीय भारत को छोड़कर अन्य सभी क्षेत्रों में सितंबर में बारिश के कम होने की संभावना है। प्रायद्वीपीय भारत में सितंबर के पहले तीन दिनों में 71.5 फीसदी अधिक वर्षा दर्ज की गई है।
आईएमडी ने गुरुवार को जारी किए गए अपने बुलेटिन में कहा, मानसून ट्रफ का पश्चिमी छोर (पश्चिमी राजस्थान के गंगानगर से बंगाल की खाड़ी तक) अपनी सामान्य स्थिति से दक्षिण में है और अगले दो दिनों तक इसी तरह बने रहने की संभावना है। पूर्वी छोर अपनी सामान्य स्थिति के उत्तर में स्थित है। मानसून ट्रफ शनिवार (5 सितंबर) से अपनी सामान्य स्थिति के मुकाबले उत्तर में स्थानांतरित हो सकता है।
गुरुवार को मध्यप्रदेश के विदिशा में 12 सेंटीमीटर (सेमी) वर्षा दर्ज की गई, जबकि हिमाचल प्रदेश के मंडी में 9 सेमी और उत्तराखंड के उत्तरकाशी में 8 सेमी वर्षा दर्ज की गई। उत्तर-पश्चिम राजस्थान में एक चक्रवाती सर्कुलेशन बना हुआ है।
इस सर्कुलेशन के प्रभाव के तहत, गरज और बिजली के साथ शुक्रवार को हिमाचल प्रदेश और राजस्थान में भारी बारिश होने की संभावना है। वहीं, उत्तराखंड में शुक्रवार और सोमवार के बीच (4 से 7 सितंबर तक) भारी बारिश हो सकती है।