आईएमडी के महानिदेशक मृत्युंजय महापात्र ने यहां एक प्रेस कॉन्फ्रेंस में कहा कि प्रायद्वीपीय भारत के अधिकांश हिस्सों और उत्तर-पश्चिम और मध्य भारत के पश्चिमी हिस्सों में सामान्य से कम बारिश होने का अनुमान है। उन्होंने कहा कि भारत में जुलाई में 13 फीसदी अधिक बारिश दर्ज की गई, जबकि देश के पूर्वी और पूर्वोत्तर क्षेत्रों में 1901 के बाद से इस महीने में तीसरी सबसे कम बारिश दर्ज की गई।
महापात्र ने कहा कि 258.6 मिमी के साथ उत्तर-पश्चिम भारत में 2001 के बाद जुलाई में सबसे अधिक बारिश दर्ज की गई। आईएमडी प्रमुख ने कहा कि भारत में मानसूनी बारिश में सुधार देखा गया है, जो जून में नौ प्रतिशत कम से बढ़कर जुलाई में 13 फीसदी अधिक हो गई। देश में मानसून के मौसम में अब तक 467.445 मिमी के सामान्य के मुकाबले 445.8 मिमी बारिश दर्ज की गई है, जो पांच फीसदी से अधिक है।
महापात्र ने कहा कि दक्षिण अमेरिका के पास प्रशांत महासागर में पानी के गर्म होने से अल नीनो का अब तक मानसून की बारिश पर कोई असर नहीं पड़ा है। अल नीनो आमतौर पर भारत में मानसूनी हवाओं के कमजोर होने और शुष्क मौसम से जुड़ा होता है।