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पहले चरण में निजी डॉक्टरों को भी मिले कोरोना वैक्सीन, आईएमए ने पीएम-सीएम को लिखा पत्र

Sun, 01 Nov 2020 06:04 AM IST
देव कश्यप अमर उजाला ब्यूरो, मुंबई।
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सांकेतिक तस्वीर
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कोरोना वैक्सीन आगामी तीन महीने में सभी के लिए उपलब्ध होने वाली है। महाराष्ट्र सरकार ने सबसे पहले डॉक्टर और स्वास्थ्यकर्मियों को कोरोना का टीका देने की तैयारी की है। इसके लिए सूची भी तैयार की जा रही है, लेकिन इसमें निजी डॉक्टरों को शामिल नहीं किया गया है।

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इंडियन मेडिकल एसोसिएशन ने इसे सरकार का दोहरा रवैया बताते हुए प्रधानमंत्री, मुख्यमंत्री और केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्री को पत्र लिखा है और मांग की है कि निजी डॉक्टरों को भी पहले चरण में कोरोना टीका दिया जाए।


इंडियन मेडिकल एसोसिएशन महाराष्ट्र के अध्यक्ष अविनाश बोंडवे ने कहा कि राज्य स्वास्थ्य विभाग के सचिव ने सभी जिलाधिकारियों, महानगरपालिका आयुक्त और विभागीय आयुक्तों को 23 अक्तूबर को पत्र जारी किया है। इसमें कोरोना काल में रात दिन मरीजों की सेवा में लगे रहने वाले डॉक्टरों, स्वास्थ्यकर्मियों और नर्सों को कोरोना टीका देने के लिए कहा गया है। लेकिन जिलाधिकारियों के साथ हुई बैठक में केवल उन्हीं डॉक्टरों की सूची बनाने का आदेश दिया गया है जो बॉम्बे नर्सिंग होम एक्ट के तहत पंजीकृत हैं।
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ऐसे में निजी डॉक्टर, दवाखाने, पैथोलॉजी लैब, एक्स-रे व सोनोग्राफी लैब के डॉक्टरों को इससे अलग कर दिया गया है। उन्होंने कहा कि कोरोना महामारी में निजी डॉक्टरों व स्वास्थ्यकर्मियों ने भी सरकारी डॉक्टर व स्वास्थ्यकर्मियों के साथ अपनी भूमिका निभाई है। इस दौरान 61 निजी डॉक्टरों की भी जान गई है। इसलिए बिना भेदभाव के सभी डॉक्टरों और स्वास्थ्यकर्मियों को एक साथ कोरोना का टीका दिया जाना चाहिए।

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