इंडियन मेडिकल एसोसिएशन (आईएमए) ने आयुर्वेद के छात्रों को सामान्य सर्जरी की अनुमति दिए जाने का आदेश वापस लेने की मांग की है। एसोसिएशन ने मंगलवार को यह मांग उठाते हुए इस कदम को 'खिचड़ीफिकेशन' करार दिया। साथ ही कहा कि यह चिकित्सा शिक्षा और अभ्यास का गलत मिश्रण है।
बता दें कि आयुष मंत्रालय की स्वायत्त संस्था सीसीआईएम ने भारतीय चिकित्सा केंद्रीय परिषद (परास्नातक आयुर्वेद शिक्षा) नियमावली, 2016 में संशोधन के जरिए 58 तरह की सर्जरी के लिए परास्नातक आयुर्वेद डॉक्टरों को प्रशिक्षित किए जाने की अधिसूचना 20 नवंबर को जारी की थी। आईएमए ने इस पर आपत्ति जताते हुए आदेश को वापस लेने की मांग की है।