देश के युवाओं को आईएसआईएस में भर्ती कराने वाला इंडियन मुजाहिदीन (आईएम) का पुराना आतंकी सफी अरमार सीरिया में जिंदा है। लंबी तहकीकात के बाद सुरक्षा एजेंसियों को सफी अरमार के सटीक ठिकाने और उसके जिंदा होने की खबर मिली है। अरमार वही शख्स है, जिसने इस साल 26 जनवरी के आसपास आतंकी वारदातों को अंजाम देने के लिए 14 लड़कों को तैयार किया था।
अरमार इन लड़कों को आईएस के लिए जहां, रहो वहीं से जेहाद करो के नारे पर काम करने के लिए तैयार कर लिया था। लड़कों की भर्ती, योजना और पैसे के इंतजाम इंटरनेट के जरिये ही किए गए थे। हालांकि सुरक्षा एजेंसियों ने इन 14 लड़कों को देश के अलग-अलग शहरों से गिरफ्तार कर पूरी योजना को नाकाम कर दिया था।
इसी जांच में सफी अरमार का नाम सामने आया था। लेकिन पहले एजेंसियों को खबर मिली थी कि अरमार की सीरिया में मौत हो चुकी है। लेकिन खुफिया एजेंसियों को मिली ताजा इलेक्ट्रॉनिक फुट प्रिंट के मुताबिक अरमार सही सलामत है और भारत में आईएस के नाम पर लड़कों की भर्ती का काम भी जारी है।