जिले में कोसी नदी में होने वाले अवैध खनन पर हाईकोर्ट ने सख्ती दिखाई है। हाईकोर्ट ने रामपुर में तैनात रहे दो डीएम राकेश कुमार सिंह और राजीव रौतेला को निलंबित करने के आदेश जारी किए हैं। साथ ही दो साल के दौरान तैनात रहे अफसरों की भूमिका की जांच कर उनके खिलाफ कार्रवाई करने के भी आदेश दिए हैं।
कार्रवाई की रिपोर्ट हाईकोर्ट ने 16 जनवरी को पेश करने के आदेश भी मुख्य सचिव को दिए हैं। हाईकोर्ट के इस आदेश के बाद प्रशासनिक खेमा में हड़कंप मच गया है।
अवैध खनन को लेकर स्वार क्षेत्र के दढ़ियाल मुस्तेहकम निवासी मकसूद हुसैन ने हाईकोर्ट द्वारा 2016 में जारी किए गए आदेशों का पालन जिला प्रशासन के अफसरों द्वारा नहीं करने पर याचिका दायर की थी, जिस पर हाईकोर्ट ने सुनवाई शुरू की।
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हाईकोर्ट ने पिछले दिनों रामपुर के मौजूदा डीएम शिव सहाय अवस्थी के साथ ही पूर्व में तैनात रहे डीएम राकेश कुमार सिंह जोकि वर्तमान में कानपुर देहात के जिलाधिकारी हैं और राजीव रौतेला जोकि गोरखपुर में जिलाधिकारी हैं को भी तलब कर नाराजगी जताई थी। मौजूदा डीएम शिव सहाय अवस्थी ने हाईकोर्ट में यह कहकर राहत पाई थी कि उन्होंने अपने कार्यकाल में सबसे अधिक कार्रवाई की हैं।
इस मामले में गत दिवस हाईकोर्ट के मुख्य न्यायाधीश डीबी भोंसले और न्यायाधीश एमके गुप्ता की बेंच ने अवैध खनन रोकने के आदेशों का पालन न करने पर रामपुर के दो पूर्व डीएम राकेश कुमार सिंह व राजीव रौतेला को सस्पेंड करने के आदेश दिए हैं। साथ ही उनके खिलाफ अनुशासनात्मक कार्रवाई शुरू करने के आदेश दिए हैं। हाईकोर्ट ने 24 अगस्त 2015 के तहत जारी किए गए आदेश के बाद से अब तक रामपुर में तैनात रहे खनन से संबंधित अन्य दोषी अफसरों का पता कर उनके खिलाफ भी अनुशासात्मक कार्रवाई करने के आदेश दिए हैं।
मुख्य सचिव से हाईकोर्ट ने अगली तारीख 16 जनवरी को पूरी रिपोर्ट मांगी है। इस कार्रवाई के बाद प्रशासनिक अफसरों में हड़कंप है। दूसरी ओर चोरी छिपे अभी भी रामपुर में कोसी नदी, रामगंगा, पीलाखार और भाखड़ा नदी में अवैध खनन किया जा रहा है।