आईएल एंड एफएस संकट से म्यूचुअल फंडों पर भुगतान दबाव और अपर्याप्त पूंजी की वजह से 1,500 छोटी गैर बैंकिंग वित्तीय कंपनियों (एनबीएफसी) के लाइसेंस रद्द होने का खतरा मंडरा रहा है। कारपोरेट मामलों के मंत्रालय ने संकट में फंसी आईएल एंड एफएस के प्रबंधन में बदलाव के लिए राष्ट्रीय कंपनी विधि न्यायाधिकरण (एनसीएलटी) में दायर अर्जी में वित्तीय बाजारों पर पड़ने वाले असर पर चिंता जताते हुए यह बात कही है।
मंत्रालय ने 30 सितंबर की तारीख के आर्थिक मामलों के विभाग के एक गोपनीय नोट का उल्लेख किया है। मंत्रालय द्वारा दायर अर्जी के अनुसार कि नोट में कहा गया है कि आईएल एंड एफएस बांड में 2,800 करोड़ रुपये का निवेश करने वाली संपत्ति प्रबंधन कंपनियों पर कारपोरेट ग्राहकों की ओर से भुगतान का दबाव हो सकता है। इसमें कहा गया है कि आईएल एंड एफएस संकट की वजह से जो एक और चिंता उभरी है कि 1,500 छोटी गैर बैंकिंग वित्तीय कंपनियों (एनबीएफसी) का लाइसेंस रद्द हो सकता है क्योंकि उनके पास पर्याप्त पूंजी नहीं है।
आईएल एंड एफएस समूह की कुछ इकाइयों द्वारा ऋण चूक के बाद वित्तीय बाजारों में नकदी संकट की आशंका बढ़ी है। भारतीय रिजर्व बैंक ने जोर देकर कहा है कि प्रणाली में पर्याप्त नकदी सुनिश्चित करने के लिए जरूरी उपाय किए जा रहे हैं।