राष्ट्रीय कंपनी लॉ अपील न्यायाधिकरण (एनसीएलएटी) ने सोमवार को आईएल एंड एफएस व उसके समूह की 348 कंपनियों के खिलाफ अगले आदेश तक सभी सुनवाई पर रोक लगा दी है। आईएल एंड एफएस और उसकी सहायक कंपनियों द्वारा लिए गए ऋण को 90 दिनों के अंदर पुनर्भुगतान के स्थगनादेश की याचिका एनसीएलटी की मुंबई पीठ द्वारा खारिज होने के बाद कॉरपोरेट मामलों के मंत्रालय ने तुरंत अपीलीय ट्रिब्यूनल में गुहार लगाई।
सरकार की त्वरित सुनवाई की याचिका पर एस जे मुखोपाध्याय की अध्यक्षता वाली दो सदस्यीय एनसीएलएटी की पीठ ने मामले की प्रकृति, व्यापक जनहित, अर्थव्यवस्था और आईएल एंड एफएस और उसकी 348 समूह कंपनियों के हितों को देखते हुए सभी कार्यवाही पर रोक लगा दी।
इसके साथ ही एनसीएलएटी ने आईएल एंड एफएस के शीर्ष पांच ऋणदाताओं को सरकार के स्थगनादेश पर अपने जवाब देने को भी कहा है। हालांकि एनसीएलएटी ने यह भी साफ किया है कि हाईकोर्ट और सुप्रीम कोर्ट में दाखिल किसी भी रिट याचिका पर यह आदेश लागू नहीं होगा। इस मामले की अगली सुनवाई 13 नवंबर को होगी।