‘मेरे बेटे की हत्या में आईआईटी खड़गपुर अथॉरिटी का हाथ है। यह किसी स्टूडेंट का काम नहीं है। मुझे अब खूनी चाहिए, किसने मारा और क्यों मारा, मुझे यह जानना है। इतना निर्मम ढंग से क्यों मारा मेरे बेटे को। मेरा तो एक ही बेटा था। उसी को देखकर मैं जी रही थी।आईआईटी खगड़पुर ने मेरे जीने का सहारा छीन लिया।’ ये कहते हुए आईआईटी खड़गपुर में पढ़ने लाले फैजन अहमद की मां रेहाना अहमद फफक पड़ीं। अमर उजाला से बातचीत में रेहाना अहमद ने तिनसुकिया से कहा, ‘मेरे बेटे ने कौन सा इतना बड़ा जुल्म कर दिया था कि उसकी हत्या कर दी गई। कानून था, पुलिस थी। अगर कुछ किया था तो पुलिस के हवाले करते। पुलिस उसकी छानबीन करती। आईआईटी खड़गपुर अथॉरिटी से सवाल करती हैं, आप लोगों को किसने मेरे बेटे की जान लेने का हक दिया।’
'IIT अथॉरिटी ने ही हत्या की है'
रेहाना अहमद कहती हैं कि विद्यार्थियों के पास पिस्तौल-गोली कहां से आएगी? हत्या आईआईटी अथॉरिटी ने किया है। यह किसी स्टूडेंट का काम नहीं है। एक सवाल के जवाब में उन्होंने कहा, आईआईटी अथॉरिटी ने किया है। इसलिए वे इसे छुपाने की कोशिश कर रही हैं। पोस्ट मार्टम रिपोर्ट के मुताबिक तो चाकू और गोली के निशान मिलने की बात कही गई है। विद्यार्थियों के पास पिस्तौल-गोली कहां से आएगी। गोली या पिस्तौल लेकर स्टूडेंट्स थोड़े ने आईआईटी में घुमते हैं। वहां पर तो हर वक्त जांच होती है।
बेटे की हत्या के पीछे है कोई गहरा राज
हत्या के पीछे का कारण क्या हो सकता है, इस पर रेहाना कहती हैं, कुछ तो बात है। कोई गहरा राज है, इसके पीछे। लगता है कोई बहुत बड़ी बात है, जो अभी तक सामने नहीं आई है। अगर कोई बड़ी बात नहीं हो तो आईआईटी इतना नहीं लड़ता। वे डिब्रूगढ़ पहुंच गए। वे डिवीजन बैंच में चले गए। अगर छात्र ने आत्महत्या की होती तो वे इतनी दूर तक नहीं जाते। हम शुरू से ही कह रहे थे कि हमारा बेटा आत्महत्या नहीं कर सकता, वह बात सही साबित हुआ। हमें पूरा विश्वास है कि अब, उस राज से कोर्ट के माध्मम से पर्दा हटेगा। हमें न्याय मिलेगा।
131 IIT छात्रों की हुई है मौत
फैजान की मां रेहाना अहमद ने दावा किया कि वे 2022 से 2023 के अंतिम तक देश भर के आईआईटी में 131 से अधिक विद्यार्थियों की मौत हुई है। उनमें से ज्यादातर का खून हुआ है, आत्म हत्या नहीं है। उन्होंने कहा, वे उन माता-पिताओं के संपर्क में हैं, जिनके बच्चे आईआईटी में मारे गए हैं। उन्होंने कहा, हर साल अगर 131 बच्चों को खो देंगे तो देेश का भविष्य कहां जाएगा।
‘शिक्षामंत्री जी, कैसे हो जाता है स्टूडेंट्स का मर्डर?’
उन्होंने रोते हुए कहा, मैं केंद्रीय शिक्षामंत्री से निवेदन करना चाहती हूं कि मेरा तो एक ही बेटा था, वह भी छीन लिया। फिर ऐसी घटना नहीं हो, इसके लिए कड़े कदम उठाइए। उन्होंने कहा, केंद्रीय शिक्षामंत्री का काम केवल बच्चों का परीक्षा लेना तक ही सीमित नहीं होना चाहिए। जो बच्चे पास करके इतनी दूर तक पहुंचते हैं। उस स्टूडेंट का कैसे मर्डर होता है। क्यों मर्डर होता है, क्यों मारते हैं? इसका भी शिक्षमंत्री को छानबीन करना चाहिए। सरकार कड़ी कार्रवाी करे। सरकार इसको रोके। सरकार इसमें हस्तक्षेप करे। तभी यह रूकेगा। नहीं तो यह चलता रहेगा। उन्होंने कहा, शिक्षामंत्री जी, और कितनी मां अपने बच्चों को खोएंगी।
आत्महत्या नहीं, फैजान की हत्या हुई: कोर्ट
उल्लेखनीय है कि दो साल पहले फैजान आईआईटी खड़गपुर में मैकेनिकल इंजीनियरिंग के तीसरे वर्ष का छात्र था। 14 अक्टूबर, 2022 को आईआईटी खड़गपुर के एक छात्रावास के कमरे में मृत पाया गया था। फैजान के माता-पिता ने कलकत्ता हाईकोर्ट में एक याचिका दायर कर दावा किया था कि उनके बेटे की हत्या किया गया है।अब इस मामले में बड़ा खुलासा हुआ है। कलकत्ता हाई कोर्ट के आदेश के बाद शव का दोबारा हुए पोस्टमार्टम की रिपोर्ट में पता चला है कि छात्र फैजान अहमद के गले पर चाकू का निशान और शव पर कथित गोली के निशान भी पाए गए। इस रिपोर्ट में कहा गया है कि यह मामला आत्महत्या का नहीं बल्कि हत्या का है। इसी साल मई में दूसरी पोस्टमार्टम की रिपोर्ट हाई कोर्ट को सौंपी गई थी।
अगले सप्ताह हाई कोर्ट इस मामले में सुनवाई करने वाला है। उससे पहले एक्सपर्ट कमेटी भी फाइनल रिपोर्ट दे सकती है।