दुनिया के सर्वश्रेष्ठ शिक्षण संस्थानों में शामिल होने के लिए अब भारतीय प्रौद्योगिकी संस्थान (आईआईटी) मैसाचुसेट्स इंस्टीट्यूट ऑफ टेक्नोलॉजी (एमआईटी) और स्टैनफोर्ड विश्वविद्यालय जैसे दुनिया के शीर्ष शिक्षण संस्थानों को टक्कर देगा। आईआईटी काउंसिल ने इसकी रैंकिंग सुधारने के लिए छात्र-शिक्षक अनुपात को दुरुस्त करने का फैसला लिया है। अब पांच पीएचडी छात्र एक फैकल्टी माने जाएंगे।
अधिकारियों के मुताबिक, आईआईटी काउंसिल की बैठक में देसी संस्थान के दुनिया के सौ सर्वश्रेष्ठ शिक्षण संस्थानों में शामिल न होने पर भी चर्चा हुई। इसमें कहा गया कि रैंकिंग सुधारने में सबसे पहले छात्र-शिक्षक अनुपात को ठीक करना होगा। इस पर फैसला हुआ कि अब पांच पीएचडी स्कॉलर्स एक फैकल्टी के रूप में माने जाएंगे। क्योंकि आईआईटी में पीएचडी स्कॉलर्स भी अंडरग्रेजुएट छात्रों को पढ़ाते हैं। देशभर के आईआईटी में इस समय 26 हजार पीएचडी स्कॉलर्स हैं।
जबकि आईआईटी में करीब 26 सौ फैकल्टी की जरूरत है। जबकि 72 सौ फैकल्टी सेवाएं दे रही हैं। इसके साथ ही आईआईटी में इस समय 14 से 15 छात्रों के लिए एक फैकल्टी है। जबकि अंतरराष्ट्रीय मानकों के तहत 9-10 छात्र पर एक फैकल्टी होनी चाहिए। इसलिए अब आईआईटी में भी प्रति दस छात्र पर एक फैकल्टी होगी।