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Climate Change: बिहार, केरल और ओडिशा के 11 जिलों में बाढ़ और सूखा का खतरा, IIT की जलवायु रिपोर्ट में चेतावनी

Sat, 14 Dec 2024 04:51 PM IST
निर्मल कांत न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली।

सार

Climate Change: आईआईटी गुवाहाटी और मंडी की ओर से जारी एक जलवायु रिपोर्ट में चेतावनी दी गई है कि देश के 11 जिले बाढ़ और सूखा दोनों के लिए बहुत उच्च श्रेणी के जोखिम में हैं। रिपोर्ट में जलवायु परिवर्तन से होने वाली समस्याओं को जिलास्तर पर दिखाया गया है। 
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सूखा - फोटो : एएनआई
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विस्तार
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भारतीय प्रौद्योगिकी संस्थान (आईआईटी) गुवाहाटी और मंडी ने मिलकर एक जुलवायु जोखिम मूल्यांकन रिपोर्ट जारी की है। रिपोर्ट में बताया गया है कि बिहार, केरल और ओडिशा के 11 जिले बाढ़ और सूखा दोनों के लिए 'बहुत उच्च' जोखिम में हैं। इनमें पटना, अलाप्पुझा और केंद्रपाड़ा जैसे जिले भी शामिल हैं। इन जिलों में तुरंत कदम उठाने की जरूरत है।

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रिपोर्ट का शीर्षक 'भारत में जिला स्तरीय जलवायु जोखिम मूल्यांकन: आईपीसीसी ढांचे का उपयोग करके बाढ़ और सूखा जोखिम मानचित्रण' है। इसे बंगलूरू के भारतीय विज्ञान, प्रौद्योगिकी और नीति अध्ययन केंद्र (सीएसटीईपी) के सहयोग से तैयार किया गया है। रिपोर्ट के मुताबिक, देश के 51 जिले बाढ़ के 'बहुत उच्च' जोखिम में हैं और 118 जिले 'उच्च' जोखिम श्रेणी में आते हैं। यह जोखिम असम, बिहार, उत्तर प्रदेश, पश्चिम बंगाल, गुजरात, ओडिशा और जम्मू-कश्मीर जैसे राज्यों में अधिक हैं। 

इसके अलावा, रिपोर्ट में यह भी बताया गया कि 91 जिलों को 'बहुत उच्च' सूखा जोखिम का सामना करना पड़ रहा है और 188 जिलों को 'उच्च' सूखा जोखिम का सामना है, जो खासतौर पर बिहार, असम, झारखंड, ओडिशा और महाराष्ट्र में स्थित हैं। रिपोर्ट में चेतावनी दी गई है कि बिहार के पटना, केरल के अलाप्पुझा और ओडिशा के केंद्रपाड़ा जैसे 11 जिले ऐसे हैं, जिनमें बाढ़ और सूखा दोनों का जोखिम 'बहुत उच्च' हैं और इन क्षेत्रों तत्काल कदम उठाने की जरूरत है। 
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आईआईटी गुवाहाटी के निदेशक देवेंद्र जलीहल ने कहा, भारत की कृषि मानसून पर बहुत ज्यादा निर्भर है। जलवायु परिवर्तन के कारण सूखा और ज्यादा बारिश जैसी समस्याएं अब और गंभीर हो गई हैं। यह रिपोर्ट 600 से अधिक जिलों में जोखिम के मूल्यांकन करती है, जो इन समस्याओं से निपटने के लिए महत्वपूर्ण जानकारी प्रदान करती है। इस अध्ययन में जलवायु परिवर्तन से होने वाले खतरों और समस्याओं को जिलास्तर पर दिखाया गया है। यह लोगों की सुरक्षा के लिए मददगार होगा और यह बताएगा कि जलवायु परिवर्तन से लोगों की जिंदगी और उनकी कामकाज पर क्या असर हो सकता है। 

विज्ञान और प्रौद्योगिकी विभाग के वैज्ञानिक विभाग की प्रमुख अनीता गुप्ता ने कहा, जलवायु परिवर्तन हमारे समय की सबसे बड़ी चुनौतियों में से एक है, जो कृषि, जीवनयापन और जीवन के हर पहले को प्रभावित कर रहा है। इस रिपोर्ट के जरिए हम स्थानीय समुदायों के सामने आने वाली चुनौतियों का मूल्यांकन कर रहे हैं और मिलकर इन समस्याओं का समाधान निकालने का प्रयास कर रहे हैं। 
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