आईआईटी बॉम्बे के छात्र साहिल वाकोडे की मौत के बाद उनके माता-पिता ने न्याय की मांग की है। उन्होंने कहा कि उन्हें प्रशासन और संविधान पर भरोसा है और उम्मीद है कि उनके बेटे को न्याय मिलेगा। साहिल की मां सोनाली वाकोडे ने कहा कि उनका बेटा प्रतिभाशाली था और परिवार के लिए यह बेहद मुश्किल समय है। मंगलवार को मुंबई पुलिस की क्राइम ब्रांच के कार्यालय पहुंचकर माता-पिता ने मामले की निष्पक्ष और पूरी जांच की मांग की।
पिता बोले- आरोपियों को गिरफ्तार किया जाए
साहिल के पिता रविंद्र वाकोडे ने कहा कि मामले में जिन लोगों पर आरोप लगाए गए हैं, उनसे पूछताछ होनी चाहिए और उन्हें गिरफ्तार किया जाना चाहिए। उन्होंने कहा कि आरोपियों को गिरफ्तार किया जाना चाहिए। गिरफ्तारी के बाद ही सब कुछ सामने आएगा। उन्होंने अपने बेटे को होनहार छात्र बताते हुए कहा कि जेईई एडवांस्ड जैसी परीक्षा पास करना कोई सामान्य उपलब्धि नहीं है। उन्होंने साहिल की रैंक का जिक्र करते हुए परीक्षा में नकल करने के आरोपों को बेबुनियाद बताया और कहा कि मामले को दूसरी दिशा में ले जाने की कोशिश की जा रही है।
मां बोलीं- मेरा बच्चा बहुत प्रतिभाशाली था
साहिल की मां सोनाली वाकोडे ने भावुक होकर कहा कि मैं एक मां और शिक्षिका हूं। मैंने अपना बच्चा खो दिया है। मैं जिस दर्द से गुजर रही हूं, उसे सिर्फ एक मां ही समझ सकती है। उन्होंने लोगों से साहिल को न्याय दिलाने की अपील की। सोनाली ने कहा कि उन्हें पता था कि उनका बेटा कितना प्रतिभाशाली था और उन्होंने सभी से हाथ जोड़कर उसके लिए न्याय सुनिश्चित करने की मांग की।
सोनाली वाकोडे ने दावा किया कि साहिल ने उन्हें बताया था कि जाति के आधार पर उसके साथ कथित तौर पर दुर्व्यवहार और अपमान किया जा रहा था। उन्होंने आरोप लगाया कि प्रोफेसर सूर्यनारायण डूला कथित तौर पर साहिल से कहते थे कि वह ऊंची जाति से हैं और साहिल निचली जाति से है। उनके मुताबिक, साहिल ने बताया था कि ऐसी स्थिति करीब तीन महीने से चल रही थी। सोनाली ने कहा कि 13 सितंबर को जब वे हॉस्टल के कमरे में साहिल से मिले थे, तब भी उसने कथित प्रताड़ना और दुर्व्यवहार की बात बताई थी।
'साहिल ने बताया था कि उसे प्रताड़ित किया जा रहा है'
सोनाली वाकोडे ने दावा किया कि साहिल ने परिवार को बताया था कि उसे कथित तौर पर प्रताड़ित किया जा रहा है और जातिसूचक टिप्पणियों का सामना करना पड़ रहा है। उन्होंने कहा कि परिवार उसे समझाता रहा कि भविष्य अच्छा होगा। उन्होंने भावुक होकर कहा कि अगर उस दिन वे साहिल को अपने साथ ले आते तो शायद उनका बेटा आज जिंदा होता। परिवार की ओर से लगाए गए जातिगत भेदभाव और उत्पीड़न के आरोपों की जांच की जा रही है। वहीं, संस्थान की ओर से इन आरोपों पर अलग पक्ष सामने आया है।
सोनाली ने कहा कि परिवार ने साहिल को हिम्मत दी और पढ़ाई पर ध्यान देने की सलाह दी थी। उन्होंने बताया कि परिवार को लगता था कि आईआईटी में दाखिला मिलने के बाद उसका भविष्य उज्ज्वल है। उन्होंने कहा कि पीछे मुड़कर देखती हूं तो लगता है कि उसे स्थिति सहने की सलाह देना हमारी गलती थी।
क्राइम ब्रांच ने दर्ज किए माता-पिता के बयान
क्राइम ब्रांच के एक वरिष्ठ अधिकारी के मुताबिक, साहिल के माता-पिता के बयान दर्ज कर लिए गए हैं। आईआईटी बॉम्बे के अधिकारियों के बयान अभी दर्ज किए जाने बाकी हैं। इनमें प्रोफेसर डूला भी शामिल हैं और उन्हें पूछताछ के लिए जल्द बुलाया जाएगा।
साहिल एनर्जी साइंस एंड इंजीनियरिंग विभाग में बीटेक के दूसरे वर्ष के छात्र थे। 18 सितंबर की शाम पॉवई कैंपस स्थित हॉस्टल के कमरे में उनका शव मिला था। इससे कुछ घंटे पहले मिड-सेमेस्टर परीक्षा के दौरान मोबाइल फोन से चैटजीपीटी इस्तेमाल करने का मामला सामने आया था। संस्थान के अनुसार, उन पर परीक्षा के दौरान चैटजीपीटी के जरिए सवालों के जवाब हासिल करने का आरोप था। इस मामले में परिवार ने जातिगत उत्पीड़न और मानसिक प्रताड़ना के आरोप लगाए हैं। पुलिस ने शिकायत के आधार पर मामला दर्ज किया है और जांच अब मुंबई क्राइम ब्रांच कर रही है। आरोपों की जांच जारी है।