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प्लेसमेंट में शिकायत पर आईआईटी ने 31 कंपनियों पर लगाया बैन

Fri, 26 Aug 2016 02:47 PM IST
टीम डिजिटल/अमर उजाला, नई दिल्ली
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नौकरी देने के बाद ज्वाइनिंग कराने में आनाकानी करने और प्लेसमेंट में खराब रिकार्ड रखने वाली 31 कंपनियां अब आईआईटी में प्लेसमेंट के लिए नहीं जा सकेंगी। आईआईटी ने इन कंपनियों पर बैन लगा दिया है। इनमें से ज्यादातर स्टार्टअप कंपनियां हैं और इन्हें शुरू करने वाले ज्यादातर आईआईटी के ही पूर्व छात्र हैं।
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मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार हेल्‍थकेयर स्टार्टअप पार्टियो मेडिकल और ऑन डिमांड डिलीवरी सर्विस उपलब्‍ध कराने वाली कंपनी ग्रोफर सहित 31 कंपनियों पर यह बैन लगा है। इसके अलावा फ्लिपकार्ट जैसे ऑनलाइन उत्पाद बेचने वाली बड़ी कंपनियों को चेतावनी जारी की गई है। 

ये कंपनियां इस साल आईआईटी के लिए होने वाले प्लेसमेंट में भाग नहीं ले पाएंगी। इसके अलावा स्टार्टअप जोमेटो पर पिछले साल लगा बैन इस साल भी जारी रहेगा। इन कंपनियों पर बैन आईआईटी की प्लेसमेंट संबंधी नीतियों का लगातार उल्लंघन करने के कारण लगा है। 
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प्लेसमेंट देने के बाद ज्वाइन‌िंग लेटर देने में आनाकानी करती हैं कंपनियां

- फोटो : pti
असल में कई सालों से इस बात की शिकायत मिल रही थी कि प्लेसमेंट के दौरान कंपनियां छात्रों से जो वादे करती हैं उन्हें पूरा नहीं किया जाता। इसके अलावा वो छात्रों को ज्वाइनिंग लेटर देने में भी काफी देरी करती हैं। 

आईआईटी की प्लेसमेंट नीतियों का भी यह कंपनियां लगातार उल्लंघन करती रही हैं ऐसे में इस बार ऐसी कंपनियों के खिलाफ सख्ती करने की तैयारी कर ली गई है। मुंबई आईआईटी में यह निर्णय देश की सभी आईआईटी से मिले फीडबैक के बाद लिया गया। 

सूत्र के अनुसार कई सालों से इस बात की शिकायत मिल रही थी कि कुछ स्टार्टअप लगातार आईआईटी की नीतियों का उल्लंघन कर रहे हैं। लेकिन ऐसा पहली बार हुआ है कि कंपनियों के खिलाफ इतनी कड़ी कार्रवाई की गई है। 
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कंपनियों पर लगाम कसने के लिए उठाया कदम

आईआईटी बांबे के प्लेसमेंट सेल से जुड़े एक वरिष्ठ अधिकारी ने बताया कि हम अभी और इस पर ध्यान दे रहे हैं कि क्या ऐसी कंपनियों की एक और लिस्ट जारी करने की जरूरत है। अभी इस संबंध में प्लेसमेंट सेल से बातचीत जारी है। 

जल्द ही इस संबंध में एक और लिस्ट जारी की जा सकती है कुछ कंपनियों को आशिंक या स्‍थायी रूप से प्रतिबंधित कर दिया जाए। हालांकि अभी इस संबंध में कुछ भी निश्चित रूप से नहीं कहा जा सकता। 

आईआईटी की आल इंडिया प्लेसमेंट कमेटी से जुड़े एक वरिष्ठ प्रोफेसर के अनुसार प्लेसमेंट के बाद अंतिम समय में ज्वाइनिंग लेटर देने से हाथ खींचने वाले स्टार्टअप की तादाद लगातार बढ़ती जा रही थी। इसकी वजह से बीते साल 135 छात्रों को नुकसान उठाना पड़ा। 

मुंबई, खड़गपुर और रुड़की आईआईटी को कंपनियों की इस कारस्तानी के कारण नुकसान उठाना पड़ा था। इन आईआईटी में कैंपस प्लेसमेंट के लिए ज्यादा छात्र रजिस्टर्ड होते हैं इसलिए इन्हें नुकसान भी ज्यादा उठाना पड़ता है। इसीलिए बीते 14 अगस्त को कानपुर आईआईटी में हुई बैठक में ऐसी कंपनियों के खिलाफ सख्त कदम उठाने का निर्णय लिया गया।
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