पश्चिम बंगाल के आईआईएम कलकत्ता में कथित दुष्कर्म के मामले में अलीपुर कोर्ट ने आरोपी को 50,000 रुपये के मुचलके पर जमानत दे दी। इस मामले की सुनवाई के दौरान अदालत ने कहा कि पीड़ित लड़की ने जांच में सहयोग नहीं किया। इस मामले में नौ सदस्यों की एसआईटी की टीम बनाई गई थी, जिसने पूरे मामले में जांच-पड़ताल की।
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पिता ने दुष्कर्म की बात से किया था इनकार
वहीं इससे पहले इस मामले में पीड़िता के पिता ने कहा कि उनकी बेटी के साथ कोई दुष्कर्म नहीं हुआ, बल्कि वह हादसे का शिकार हुई थी। छात्रा के पिता ने मीडिया को बताया कि उन्हें शुक्रवार रात 9.40 बजे बेटी का फोन आया था। बेटी ने बताया कि वह एक वाहन से गिर गई थी, जिससे उसे चोट लगी और वह बेहोश हो गई थी। बाद में उन्हें जानकारी मिली कि बेटी को एसएसकेएम अस्पताल में भर्ती कराया गया है। उन्होंने कहा कि पुलिस जो दावा कर रही है, वैसा कुछ भी नहीं हुआ।
आरोपी नहीं जानती मेरी बेटी- छात्रा के पिता
छात्रा के पिता के अनुसार, उनकी बेटी आरोपी छात्र को जानती भी नहीं थी। उनका कहना है कि किसी भी प्रकार का शारीरिक या मानसिक उत्पीड़न नहीं हुआ, बल्कि घटना केवल एक दुर्घटना थी। यह बयान पुलिस जांच के दावे से बिल्कुल उलट है, जिससे अब मामले की दिशा बदल सकती है।
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आईआईएम कोलकाता प्रशासन ने जताई थी चिंता
आईआईएम कोलकाता में कथित दुष्कर्म की घटना के बाद प्रशासन ने छात्रों की चिंता को गंभीरता से लिया है। घटना के बाद संस्थान के प्रभारी निदेशक सायबल चट्टोपाध्याय ने कहा कि छात्रों की सुरक्षा और मानसिक स्थिति को लेकर वे गंभीर हैं और लगातार संवाद बनाए हुए हैं। उन्होंने कहा कि मैंने अपनी टीम को स्पष्ट निर्देश दिए हैं कि छात्रों की चिंताओं को प्राथमिकता पर लेते हुए सभी जरूरी कदम उठाए जाएं।