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ED: निवेशकों के पैसों से आईएफएस अफसर निहारिका के पति ने खरीदी थी जमीन, ईडी ने दाखिल किया आरोपपत्र

Thu, 28 Nov 2024 03:43 AM IST
शुभम कुमार न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली

सार

प्रवर्तन निदेशालय ने 110 करोड़ रुपये के फर्जीवाड़े से जुड़े मनी लॉन्ड्रिंग मामले में भारतीय विदेश सेवा (आईएफएस) अधिकारी निहारिका सिंह, उनके पति अजीत कुमार गुप्ता के खिलाफ आरोपपत्र दाखिल किया है।
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प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) - फोटो : अमर उजाला नेटवर्क
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विस्तार
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प्रवर्तन निदेशालय ने 110 करोड़ रुपये के फर्जीवाड़े से जुड़े मनी लॉन्ड्रिंग मामले में भारतीय विदेश सेवा (आईएफएस) अधिकारी निहारिका सिंह, उनके पति अजीत कुमार गुप्ता के खिलाफ आरोपपत्र दाखिल किया है। ईडी ने अपनी जांच में पाया कि अजीत कुमार ने निवेशकों से जुटाई आपराधिक आय से पत्नी निहारिका व अन्य के नाम पर कृषि भूमि खरीदी। 

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ईडी इस मामले में 9 करोड़ रुपये की संपत्ति अटैच कर चुका है। गुप्ता ने अपनी कंपनी एनी बुलियन ट्रेडर के माध्यम से दैनिक जमा योजना, मासिक आवर्ती जमा योजना और सावधि योजना जैसी फर्जी योजनाएं शुरू कीं।

गुप्ता पर धोखाधड़ी का आरोप
 योजनाओं के जरिये लोगों को 40 फीसदी सालाना दर से रिटर्न देने का वादा किया था। गुप्ता का इस धोखाधड़ी में उसके कई करीबियों ने भी सहयोग किया। ईडी के मुताबिक लोगों से पैसे एकत्र कर निहारिका व उनके पति ने बाद में आई विजन क्रेडिट को-ऑपरेटिव सोसायटी लि. के खाते का इस्तेमाल करके एक नई रिटर्न-लिंक्ड निवेश योजनाओं के नाम पर निवेशकों से धन इकट्ठा करना शुरू किया। 
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मनी लॉन्ड्रिंग की जांच शुरू
ईडी ने गुप्ता और विभिन्न अन्य व्यक्तियों/संस्थाओं के खिलाफ उत्तर प्रदेश पुलिस की 33 एफआईआर के आधार पर 2019 में मनी लॉन्ड्रिंग जांच शुरू की थी। ईडी ने दंपती व उनकी कंपनियों अनी बुलियन एंड इंडस्ट्रीज प्रा. लि., अनी कमोडिटी ब्रोकर्स प्रा. लि. व अनी सिक्योरिटीज प्रा. लि को पीएमएलए की विभिन्न धाराओं में आरोपी बनाया है।

आखिरी बार विदेश मंत्रालय में थीं तैनात
आखिरी बार विदेश मंत्रालय में तैनात थीं निहारिका ईडी ने कहा कि भारतीय विदेश सेवा अधिकारी निहारिका ने पति के साथ मिलकर 21 फरवरी, 2020 से 26 अक्तूबर 2020 के बीच धोखाधड़ी के इरादे से विभिन्न लोगों को फर्जी योजनाओं में निवेश का लालच देकर 110 करोड़ का फर्जीवाड़ा किया था। ईडी ने निहारिका से इस मामले में पूछताछ की थी। वह आखिरी बार दिल्ली में विदेश मंत्रालय में तैनात थीं। पुलिस ने भी 12 मामलों में 25 आरोपपत्र दाखिल किए हैं।

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