संतुलित वजन रखने से महिलाओं में गर्भावस्था संबंधी जटिलताओं का जोखिम कम हो सकता है। साथ ही उच्च रक्तचाप, सिजेरियन या फिर प्रसव के दौरान होने वाली परेशानियां भी नहीं सताएंगी।
मेडिकल जर्नल बायोमेड सेंट्रल (बीएमसी) मेडिसिन में छपे अध्ययन में शामिल नीदरलैंड के इरास्मस एमसी के बाल चिकित्सा विभाग के प्रोफेसर जैनीन फेलिक्स ने बताया कि शोध में मातृ वजन में वृद्धि और गर्भवती होने के दौरान विकसित होने वाली जटिलताओं के बीच स्पष्ट कारण संबंधों की पहचान करने के लिए शिक्षा और जीवन शैली जैसे जटिल मुद्दों पर ध्यान दिया गया है। यूके के एक्सेटर विश्वविद्यालय के प्रोफेसर राचेल फ्रीथी ने कहा, अध्ययन में यूरोप व उत्तरी अमेरिका के 14 अध्ययनों की समीक्षा की गई है। करीब चार लाख से अधिक माताओं के बॉडी मास इंडेक्स (बीएमआई) को लेकर तथ्यों की तलाश की गई। इस दौरान यह देखने को मिला कि जिन महिलाओं का बीएमआई स्तर पूरे गर्भावस्था में नियंत्रित रहा उन्हें अन्य की तुलना में प्रसव के समय कम चुनौतियों का सामना करना पड़ा।