फिल्म मेकर करण जौहर पिछले एक साल से मीडिया के सामने अपने पिता बनने की इच्छा जाहिर कर रह थे। आखिर उनकी ये इच्छा पूरी हो ही गई। करण जौहर दो जुड़वां बच्चों के पिता बन गए हैं। लेकिन अगर सरोगेसी रेगुलेशन बिल 2106 संसद से पारित हो जाती, तो जौहर की ये इच्छा अधूरी ही रह जाती। क्योंकि इस बिल में ऐसे प्रावधान हैं, जिससे करण जौहर को सरोगेसी की मदद से पिता बनने में दिक्कतें बढ़ जाती। आपको बता दें कि पिछले साल सितंबर महीने में मोदी कैबिनेट किराये की कोख (सरोगेसी) वाली मां के अधिकारों की रक्षा के उपायों के लिए नए प्रावधान बनाए हैं।
करण जौहर क्यों नहीं बन पाते सरोगेसी के जरिए पापा :
- कैबिनेट से पास सरोगेसी रेगुलेशन बिल 2016 मुताबिक अविवाहित पुरुष सरोगेसी के लिए आवेदन नहीं कर सकते। चूकि करण जौहर शादी नहीं की है, इसलिए ये सरोगेसी के लिए आवेदन नहीं कर सकते थे।
- करण जौहर ने सरोगेसी के जरिए जन्म देनेवाली महिला का खुलासा नहीं किया है,कि वो शादीशुदा है या नहीं। नए बिल के प्रावधान के मुताबिक सरोगेसी के जरिए बच्चे को जन्म दे जा रही महिला का शादीशुदा होना जरूरी है।
-अगर ये बिल पास हो जाने के बाद अगर करण जौहर शादी भी कर लेते तो भी सरोगेसी के लिए आवेदन नहीं कर सकते थे। क्योंकि नए बिल के मुताबिक पांच साल से शादीशुदा जोड़े, जिनकी कोई संतान नहीं है वो ही सरोगेसी के लिए आवेदन कर सकते हैं।
सरोगेसी बिल की अहम बातें…
लोकसभा
सरोगेसी बिल की अहम बातें…
-या महिला, सिंगल, लिव इन में रह रहा जोड़ा और समलैंगिक जोड़े सरोगेसी के लिए आवेदन नहीं कर सकते। इसके साथ ही अब सिर्फ रिश्तेदार महिला ही सरोगेसी के जरिए मां बन सकती है।
- कैबिनेट से पास हुए बिल में व्यावसायिक सरोगेसी पर पूरी तरह बैन लगाने का प्रस्ताव है।
-अब सिर्फ रिश्तेदार ही सेरोगेट मां बन सकती है।
-जिन माता-पिता के पहले से एक संतान है या उन्होंने एक संतान को गोद लिया है तो वे दूसरी संतान के लिए सरोगेसी का सहारा नहीं ले सकते।
-अब सिर्फ भारतीय भारतीय नागरिक ही सरोगेसी के जरिए बच्चे को जन्म दे सकते हैं।
-पांच साल से शादीशुदा जोड़े, जिनकी कोई संतान नहीं है वो ही सरोगेसी के लिए आवेदन कर सकते हैं।
-अविवाहित, सिंगल, लिव इन में रह रहा जोड़ा और समलैंगिक जोड़े सरोगेसी के लिए आवेदन नहीं कर सकते।
- पुरुष की उम्र 26-55 साल और महिला की उम्र 25-50 साल होगी तभी वे सरोगेसी के लिए आवेदन कर सकते हैं।
-अगर सरोगेसी के लिए आवेदन करने वाला जोड़ा किसी बिमारी से ग्रसित है तो वो आवेदन नहीं कर सकता।
- एक महिला सिर्फ एक बार ही सरोगेसी के जरिए बच्चे को जन्म दे सकती है।
-सरोगेसी के जरिए बच्चे को जन्म दे जा रही महिला का शादीशुदा होना जरूरी है।