आयुष्मान भारत के सूत्रों के मुताबिक इस योजना में कई ऐसे लाभार्थी शामिल हो गए हैं, जो इस योजना की पात्रता ही नहीं रखते। उनका कहना है कि पिछले कुछ दिनों से लगातार खबरें आ रही हैं कि कई सांसद, विधायक और ऊंचे रसूख रखने वाले कई लोगों ने प्रधानमंत्री जन आरोग्य योजना कार्ड हासिल कर लिया है, जिससे इस योजना की विश्वसनीयता पर सवाल खड़े हो गए हैं। राष्ट्रीय स्वास्थ्य एजेंसी से जारी सर्कुलर में पात्रता की कुछ नई शर्तों को भी जोड़ा गया है। पत्र के मुताबिक जिन लोगों के पास दो, तीन या चार पहियों वाला वाहन है, वे इस योजना के लाभार्थी नहीं होंगे।
इसके अलावा सरकारी कर्मचारी, सरकार में पंजीकृत गैर कृषि उद्यमी, 10 हजार प्रति माह से ज्यादा कमाने वाले, आयकर दाता, प्रोफेशनल टैक्स दाता, पक्की दिवार और छत समेत तीन से ज्यादा कमरों वाले घर के मालिक, रेफ्रिजरेटर, लेंडलाइन फोन रखने वाले लोगों को योजना से बाहर किया जाएगा।
इसके अलावा 50 हजार से ऊपर क्रेडिट लिमिट वाले किसान क्रेडिट कार्ड धारक, तीन-चार पहियों वाले कृषि उपकरण रखने वाले, एक सिंचाई उपकरण के साथ ढाई एकड़ से ज्यादा जमीन, 5 एकड़ या उससे ज्यादा सिंचित भूमि के साथ दो से ज्यादा मौसमी फसल उगाने वाले और एक सिंचाई उपकरण के साथ साढ़े सात एकड़ से ज्यादा कृषि भूमि रखने वाले किसानों को भी इस योजना का लाभ नहीं दिया जाएगा।
साथ ही, फिशबोट रखने वाले मछुआरे भी इसके दायरे से बाहर रहेंगे। सर्कुलर के मुताबिक सभी जिलाधिकारियों, जिला कलेक्टरों, उपायुक्तों को अधिकार दिए गए हैं, कि ऐसे लोगों की जांच करा कर उन्हें योजना की सूची से बाहर किया जाए। गरीबी रेखा से नीचे रहने वाले 50 करोड़ लोगों को इस योजना का लाभार्थी बनाया गया है, जिसमें उन्हें पाच लाख रुपए का कैश लैस बीमा मिलेगा।