पूर्वोत्तर का स्कॉटलैंड कहे जाने वाले मेघालय में अगले साल की शुरुआत में होने वाली विधानसभा चुनावों में अगर भाजपा सत्ता में आती है तो वह राज्य के गरीब तबके के लोगों को ध्यान में रखते हुए बीफ के दाम घटा देगी।
पार्टी ने मेघालय में बीफ पर पाबंदी लगाने की संभावना पहले ही खारिज कर दी है। उसने सत्तारूढ़ कांग्रेस पर बीफ बैन के मुद्दे पर राजनीति करने का भी आरोप लगाया है।
प्रदेश भाजपा अध्यक्ष शिबुन लिंग्दोह के अनुसार केंद्र ने मेघायल में बीफ की खरीद फरोख्त पर पाबंदी नहीं लगाई है। बीती 23 मई को जारी अधिसूचना में पशु बाजार के नियमन और खरीद फरोख्त के लिए यहां पहुंचने वाले पशुओं की देखभाल के बारे में थी।
उन्होंने कहा कि केंद्र ने कभी भी यहां गोहत्या पर पाबंदी की बात नहीं कही है। वे कहते हैं कि पशुधन राज्य का मामला है। इस मुद्दे पर फैसले का अधिकार संबंधित राज्य सरकारों को है।
इससे पहले भाजपा प्रवक्ता जेए लिंग्दोह ने एक बयान में कहा था कि पार्टी पहले ही साफ कर चुकी है कि पूर्वोत्तर राज्यों में बीफ पर पाबंदी नहीं लगाई जाएगी।
उन्होंने कहा कि गोहत्या पर पाबंदी लगाना न तो अर्थव्यवस्था के हित में है और न ही इसे संविधान का समर्थन हासिल है। उन्होंने आरोप लगाया कि मुख्यमंत्री मुकुल संगमा राजनीतिक लाभ के लिए इस मुद्दे पर लोगों को गुमराह करने का प्रयास कर रहे हैं।