कृष्ण जन्मभूमि के पक्षकार ने कहा कि पूर्व में मुगल शासकों ने हिन्दू मठ-मंदिरों पर जो अवैध कब्जा किया था, वह न्यायालय के बाहर हिन्दू और मुस्लिम भाइयों के बीच सहमति से हटाया जा सकता है।
श्री कृष्ण जन्मभूमि मंदिर केस के पक्षकार धर्मगुरु दिनेश फलाहारी ने एक बयान देकर राजनीति गरमा दी है। उन्होंने कहा है कि यदि अलीगढ़ मुस्लिम विश्वविद्यालय में भगवान कृष्ण का मंदिर बनाने की अनुमति मिलती है तो वे एक करोड़ रुपये देने के लिए तैयार हैं। उन्होंने दावा किया है कि अलीगढ़ मुस्लिम विश्वविद्यालय परिसर में मंदिर बनने से वहां शांति स्थापित होगी। दिनेश फलाहारी का यह बयान श्री कृष्ण जन्मभूमि संघर्ष न्यास की राष्ट्रीय मंत्री रूबी आसिफ खान के बयान के समर्थन में आया है, जिसमें उन्होंने अलीगढ़ मुस्लिम विश्वविद्यालय में कृष्ण मंदिर स्थापित करने की बात कही थी।
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कृष्ण जन्मभूमि मंदिर मामले के पक्षकार धर्मगुरु दिनेश फलाहारी ने कहा है कि वे रूबी आसिफ खान के बयान का समर्थन करते हैं। इसके पहले भी वे मुसलमानों से कृष्ण जन्मभूमि को हिंदुओं को सौंपने की मांग कर चुकी हैं। उन्होंने कहा कि यदि सरकार मंदिर बनाने की अनुमति देती है तो वे मंदिर बनाने का पूरा खर्चा वहन करने के लिए तैयार हैं। उन्होंने ने कहा कि अब मुस्लिम महिलाओं में बहुत ही जागरूकता आ रही है। वे इतिहास की उन गलतियों को ठीक करने की पहल कर रही हैं जो दोनों समुदायों में शांति स्थापित कर सकती है।
कृष्ण जन्मभूमि के पक्षकार ने कहा कि पूर्व में मुगल शासकों ने हिन्दू मठ-मंदिरों पर जो अवैध कब्जा किया था, वह न्यायालय के बाहर हिन्दू और मुस्लिम भाइयों के बीच सहमति से हटाया जा सकता है। यदि मुस्लिम भाई अपने ईदगाह मस्जिद को मथुरा मंदिर से हटाने के लिए तैयार हो जाए तो श्री कृष्ण जन्म भूमि संघर्ष न्यास मस्जिद को हटाने का और बनाने का पूरा खर्चा देने को तैयार है। उन्होंने कहा कि हम मुस्लिम भाइयों की मंदिर मस्जिद केस में समझौता के लिए पेशकश कर चुके हैं। रूबी आसिफ खान मंदिर मस्जिद केस में समझौता करने के लिए पहल कर रही हैं। उन्होंने उनके लिए सुरक्षा की भी मांग की।