लोकसभा की कार्यवाही को पूरे देश की जनता के सामने रखने के लिए ही उन्होंने लोकसभा टीवी की शुरुआत कराई थी। उनका मानना था कि सिर्फ वोट देना ही किसी नागरिक का कर्तव्य नहीं है। उसे इस बात की भी जानकारी होनी चाहिए कि उसके जन प्रतिनिधि संसद में पहुंचकर क्या कर रहे हैं। आज लोकसभा टीवी की भूमिका के कारण ही देश संसद में नेताओं की भूमिका को देख पा रही है। इससे लोकतंत्र को बड़ी मजबूती मिलेगी।
उनकी वैज्ञानिक सोच को आज देश में फैलाए जाने की जरुरत है। उनके पिता एक दूसरी विचारधारा से संबंध रखते थे, लेकिन उन्होंने कोलकाता के टॉप बैरिस्टर होने के बाद कम्यूनिस्ट विचारधारा को अपनाया। वे वैज्ञानिक समाजवाद को देश-समाज के विकास के लिए आवश्यक मानते थे। उनका मानना था कि जनता में वैज्ञानिक दृष्टिकोण का विकास किए बिना देश और समाज का विकास नहीं हो सकता।
(कम्यूनिस्ट पार्टी ऑफ इंडिया के राष्ट्रीय सचिव अतुल अंजान से बातचीत पर आधारित)