नए सेना प्रमुख बिपिन रावत की नियुक्ति को लेकर उठे विवाद पर रक्षा मंत्री मनोहर परिकर ने सफाई देते हुए कहा कि इस मामले में सरकार ने सभी उचित प्रक्रियाओं का पालन किया है। उन्होंने कहा कि चयन के लिए यदि वरिष्ठता ही एकमात्र पैमाना होता तो कंप्यूटर भी जन्मतिथि के आधार पर सेना प्रमुखों का चयन कर सकता था। फिर किसी कैबिनेट कमेटी या उपयुक्त प्रक्रिया का सहारा लेने की जरूरत नहीं पड़ती।
परिकर सेना प्रमुखों के चयन में अपनाए जाने वाले ‘वरिष्ठता के सिद्धांत’ पर पूछे गए एक सवाल का जवाब दे रहे थे। रक्षा मंत्री ने कहा, ‘वरिष्ठता का सिद्धांत’ कोई नियम नहीं वरन एक प्रक्रिया है जिसमें कमांडरों का मूल्यांकन उनके प्रदर्शन के आधार पर किया जाता है।
मैं यह मानता हूं कि जिन उम्मीदवारों पर विचार किया गया, वे सभी अच्छे और सक्षम अधिकारी थे। यही वजह है कि चयन में देरी हुई। संभवत: जनरल बिपिन रावत का चयन परिस्थितियों की आवश्यकता थी।