सुप्रीम कोर्ट ने बुधवार को भारतीय सैन्य नर्सिंग सेवा (आईएमएनएस) की एक रिटायर्ड महिला अधिकारी की नौकरी के मामले में सुनवाई की। इस दौरान उच्च न्यायालय ने एक महिला पूर्व सैनिक को सरकारी नौकरी में नियुक्त करने का आदेश देते हुए कहा कि रक्षा बलों के सेवारत जवानों का मनोबल बनाए रखने के लिए पूर्व सैनिकों का सही तरीके से पुनर्वास बेहद जरूरी है। मामले में सुनवाई के दौरान जस्टिस पीएस नरसिम्हा और मनोज मिश्रा की पीठ ने कहा कि अगर रिटायर्ड सैनिकों की अनदेखी की गई, तो भविष्य में युवा सेना में आने से हिचकिचा सकते हैं।
बता दें कि यह मामला भारतीय सैन्य नर्सिंग सेवा (आईएमएनएस) की एक रिटायर्ड महिला अफसर से जुड़ा था, जिसकी नौकरी के लिए दी गई अर्जी को पंजाब सरकार ने इस आधार पर खारिज कर दिया था कि वह 'पूर्व सैनिक' की श्रेणी में नहीं आतीं।