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मरीज संतुष्ट नहीं तो अस्पताल प्रमुख की बढ़ेगी परेशानी

Tue, 10 May 2016 02:05 AM IST
ब्यूरो/ अमर उजाला, नई दिल्ली
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डेमो पिक - फोटो : Getty
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केन्द्र सरकार के अस्पतालों में इलाज कराने आने वाले मरीजों को यदि इलाज के दौरान कोई दिक्कत हुई और मरीज ने इसकी जानकारी प्रशासन को दी तो अस्पताल प्रमुख की परेशानी बढ़ेगी। मरीज की ओर से नेगेटिव फीडबैक मिलने पर अस्पताल प्रमुख के वार्षिक गोपनीय (एसीआर) पर इसका असर पड़ेगा।
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एसीआर लिखते समय मरीज के फीडबैक को ध्यान में रखा जाएगा। केन्द्रीय स्वास्थ्य मंत्रालय की ओर से राज्यों को भी इस योजना को लागू करने की सलाह दी जाएगी। केन्द्रीय स्वास्थ्य और परिवार कल्याण मंत्रालय के एक वरिष्ठ अधिकारी ने बताया कि केन्द्र सरकार के अस्पतालों में जल्द ही इस योजना को लागू किया जाएगा।

योजना के मुताबिक मरीज जब अस्पताल से इलाज कराने के बाद निकलेगा तब उसके मोबाइल पर एक एसएमएस आएगा जिसमें उससे अस्पताल में इलाज कराने के अनुभव के बारे में पूछा जाएगा। यदि मरीज पहले जवाब में संतुष्ट लिख देगा तो उससे दूसरा सवाल नहीं किया जाएगा, लेकिन असंतुष्ट होने के विकल्प चुनने के बाद आपसे कई अन्य सवाल पूछे जाएंगे।
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अस्पताल प्रमुख को इनाम दिया जाएगा

डेमो पिक - फोटो : Getty
मरीज से पूछा जाएगा कि चिकित्सक का व्यवहार अच्छा था या नहीं, इंतजार कितनी देर करना पड़ा, जांच में कितना समय लगा, दवा मिली या नहीं, अस्पताल में सफाई व्यवस्था कैसी है? बड़े अस्पतालों में विभाग के अनुसार सवाल पूछे जाएंगे जबकि छोटे अस्पतालों में अस्पताल प्रमुख के ऊपर पूरी जिम्मेदारी होगी। 60 फीसदी या इससे ज्यादा मरीज असंतुष्ट रहे तब अस्पताल प्रमुख की परेशानी बढ़ेगी लेकिन 60 फीसदी से ज्यादा मरीज संतुष्ट रहे तो अस्पताल प्रमुख को इनाम दिया जाएगा।

मंत्रालय का कहना है कई जिला अस्पतालों में भी कम्प्यूटर के माध्यम से मरीज का पंजीकरण किया जा रहा है। जिस अस्पताल में कम्प्यूटर से मरीज का पंजीकरण किया जा रहा है वहीं इस व्यवस्था को लागू किया जा सकेगा।
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