फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

Wakf Bill: वक्फ संपत्ति के नाम पर अतिक्रमण तो 6 माह की सजा, एक लाख तक का जुर्माना भी; विधेयक में हैं प्रावधान

Fri, 04 Apr 2025 06:14 AM IST
शिव शुक्ला न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली

सार

केंद्र सरकार ने 8 अगस्त, 2024 को लोकसभा में यह संशोधित विधेयक पेश किया था। विपक्ष के विरोध के कारण इसको संयुक्त संसदीय समिति को दिया गया था। जेपीसी ने सभी हितधारकों और मुस्लिम संस्थाओं के साथ कई दौर की बैठक की और दिल्ली से बाहर जा कर वक्फ संपत्तियों का मुआयना किया, राज्यों के वक्फ बोर्ड अधिकारियों से मिले। इस दौरान जेपीसी का कार्यकाल भी बढ़ाया गया।
विज्ञापन
वक्फ बोर्ड (सांकेतिक) - फोटो : संवाद न्यूज एजेंसी
विज्ञापन

विस्तार
वॉट्सऐप चैनल फॉलो करें

वक्फ संपत्तियों के प्रबंधन में आने वाली चुनौतियों और समस्याओं से निपटने के लिए वक्फ संशोधन विशेयक में कई अहम प्रावधान कए गए हैं। वक्फ संशोधन विधेयक-2024 में वक्फ संपत्ति के नाम पर अतिक्रमण दंडनीय अपराध होगा। इसके चलते संपत्ति के संरक्षक को 6 महीने की सजा हो सकती है और 20 हजार से लेकर एक लाख रुपये तक का जुर्माना लग सकता है।

विज्ञापन


केंद्र सरकार ने 8 अगस्त, 2024 को लोकसभा में यह संशोधित विधेयक पेश किया था। विपक्ष के विरोध के कारण इसको संयुक्त संसदीय समिति को दिया गया था। जेपीसी ने सभी हितधारकों और मुस्लिम संस्थाओं के साथ कई दौर की बैठक की और दिल्ली से बाहर जा कर वक्फ संपत्तियों का मुआयना किया, राज्यों के वक्फ बोर्ड अधिकारियों से मिले। इस दौरान जेपीसी का कार्यकाल भी बढ़ाया गया। जेपीसी को शीतकालीन सत्र में अपनी रिपोर्ट पेश करनी थी, लेकिन फिर बजट सत्र के दूसरे चरण तक समय बढा दिया गया। जो चालीस संशोधन अल्पसंख्यक और विधि एवं न्याय मंत्रालय ने प्रस्तावित किए थे, उन पर धारा दर धारा विस्तार से चर्चा की गई।  

गैर मुस्लिम सदस्य हो सकेंगे शामिल

  •  नए संशोधनों के अनुसार, वक्फ बोर्ड में गैर मुस्लिम सदस्यों की नियुक्ति होगी। इस्लाम धर्म के एक विशेषज्ञ का बोर्ड का सदस्य होना जरूरी है।
  •  वक्फ बोर्ड और परिषद में दो महिला सदस्यों की नियुक्ति जरूरी। किसी भी संपत्ति को वक्फ संपत्ति घोषित करने से पहले सत्यापन अति आवश्यक।
  •  जिला कलेक्टर वक्फ संपत्तियों का सर्वेक्षण करेगा, स्वामित्व सुनिश्चित करेगा।
  •  निर्णय लेने में गैर मुस्लिम, अन्य मुस्लिम, पसमांदा मुस्लिम , पिछड़े मुस्लिम और महिलाओं को भी शामिल किया जाएगा।

विज्ञापन

पांच साल इस्लाम का पालन तभी कर सकेंगे संपत्ति का दान
बोर्ड को संपत्ति दान करने वाला इस्लाम धर्म का अनुयायी होना चाहिए। वह कम से कम पांच साल से इस्लाम धर्म का पालन कर रहा हो।

कोई सरकारी संपत्ति अब वक्फ की नहीं
किसी भी सरकारी संपत्ति को अब वक्फ की संपत्ति घोषित नहीं किया जा सकता। इस पर पूरी तरह से प्रतिबंध लग जाएगा।

इसे भी पढ़ें- Rajya Sabha: 'मणिपुर हिंसा रोकने में केंद्र नाकाम', राज्यसभा में जमकर बरसे खरगे; श्वेत पत्र की भी उठाई मांग

महिलाओं को भी संपत्ति का अधिकार
परिवार वक्फ जिसे वक्फ-अल-औलाद कहा जाता है, उसमें अब मुस्लिम महिलाओं को भी संपत्ति का अधिकार मिलेगा। महिलाओं को भी अपनी पैतृक व ससुराल की संपत्ति में उत्तराधिकार का अधिकार मिलेगा। विधवा, तलाकशुदा और अनाथ महिलाओं को अपनी पारिवारिक संपत्ति में हक मिलेगा।
विज्ञापन


सत्यापन सही हुआ तो संपत्ति वक्फ की ही

  •  जो भी संपत्ति में वैध रूप से वक्फ की हैं, सत्यापन सही निकला, तो वह वक्फ की ही रहेगी। बशर्तें की उनकी पहचान विवादित या सरकारी संपत्ति के रूप में न कर ली जाए।
  •  वक्फ संपत्तियों पर परिसीमा अधिनियम 1963 अब लागू कर दिया जाएगा। इससे लंबे समय तक चलने वाले अदालती मामले कम जाएंगे।
  •  पूरे गांव को वक्फ संपत्ति घोषित करना, मनमाने तरीके से किसी भी संपत्ति को वक्फ की संपत्ति कह कर दावा ठोकने मात्र से संपत्ति वक्फ बोर्ड की नहीं हो सकती।
  •  जिन वक्फ संस्थाओं की आमदनी एक लाख रुपये सालाना से ज्यादा है, उनको अपना वार्षिक ऑडिट करवाना होगा।
  •  मुतवल्लियों को 6 महीने में केंद्रीय वक्फ पोर्टल पर अपनी संपत्ति का विवरण देना होगा। मुसलमानों ने जो भी ट्रस्ट बनाए हैं, देश के किसी भी कानून के तहत वक्फ की संपत्ति नहीं माने जाएंगे।  

इसे भी पढ़ें- Waqf Bill: वक्फ विधेयक पर 13 घंटे लंबी चर्चा के राज्यसभा ने भी लगाई मुहर; पक्ष में पड़े 128 वोट विपक्ष में 95  

विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें