फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

ईरान संघर्ष से गहराया वैश्विक तेल संकट: मांग के मुकाबले कम होगी सप्लाई, आईईए ने जारी की चेतावनी

Wed, 13 May 2026 03:29 PM IST
अमन तिवारी आईएएनएस, नई दिल्ली

सार

अंतरराष्ट्रीय ऊर्जा एजेंसी की मई 2026 रिपोर्ट के मुताबिक ईरान संघर्ष के कारण पश्चिम एशिया में तेल उत्पादन बुरी तरह प्रभावित हुआ है। एजेंसी ने चेतावनी दी है कि इस साल वैश्विक तेल आपूर्ति मांग से कम रह सकती है, जिससे कीमतों में उतार-चढ़ाव, आर्थिक दबाव और ऊर्जा बाजार में अस्थिरता बढ़ने की आशंका है।
विज्ञापन
ईरान संघर्ष के कारण इस साल तेल उत्पादन पर पड़ेगा असर - फोटो : IANS
विज्ञापन

विस्तार
वॉट्सऐप चैनल फॉलो करें

अंतरराष्ट्रीय ऊर्जा एजेंसी (आईईए) ने अपनी ताजा रिपोर्ट में चेतावनी दी है कि ईरान संघर्ष की वजह से इस साल तेल उत्पादन पर बुरा असर पड़ेगा। 'ऑयल मार्केट रिपोर्ट- मई 2026' के अनुसार, अमेरिका-इस्राइल और ईरान के बीच जारी तनाव से मध्य पूर्व में तेल का उत्पादन काफी कम हो गया है। इस कारण दुनिया भर में तेल की सप्लाई मांग के मुकाबले कम रहेगी।
विज्ञापन


रिपोर्ट में बताया गया है कि युद्ध शुरू होने के दस हफ्तों बाद भी होर्मुज जलडमरूमध्य से तेल की सप्लाई में कई बाधाएं आ रही हैं। इससे दुनिया का तेल भंडार बहुत तेजी से घट रहा है। अमेरिका और ईरान के बीच समझौते को लेकर मिल रहे अलग-अलग संकेतों से तेल की कीमतों में भी भारी उतार-चढ़ाव देखा गया है।

आईईए के मुताबिक, होर्मुज के रास्ते टैंकरों का आना-जाना अब भी सीमित है। खाड़ी देशों से होने वाली कुल सप्लाई में अब तक एक अरब बैरल से ज्यादा का नुकसान हो चुका है। फिलहाल हर दिन 1.4 करोड़ बैरल से ज्यादा तेल का उत्पादन बंद पड़ा है, जो सप्लाई के लिए एक बड़ा झटका है।
विज्ञापन


ये भी पढ़ें:  खर्च पर सवाल: एक्सपर्ट्स का दावा- ईरान युद्ध में ₹95 लाख करोड़ फूंक चुके ट्रंप, बताया सिर्फ ₹2.77 लाख करोड़

तेल की कीमतों में भी काफी अस्थिरता रही है। नॉर्थ सी डेटेड कच्चे तेल की कीमत पहले 144 डॉलर प्रति बैरल तक पहुंच गई थी, जो बाद में 100 डॉलर से नीचे गिरी और फिर 110 डॉलर के आसपास आ गई। अभी तक होर्मुज जलडमरूमध्य को खोलने और युद्ध खत्म करने पर कोई सहमति नहीं बनी है। हालांकि, अनुमान है कि साल की तीसरी तिमाही से टैंकरों की आवाजाही धीरे-धीरे सामान्य हो सकती है।
विज्ञापन


युद्ध की वजह से साल 2026 में तेल की सप्लाई में हर दिन लगभग 39 लाख बैरल की गिरावट आ सकती है। पहले यह अनुमान 15 लाख बैरल का था। मार्च और अप्रैल में तेल भंडार में 25 करोड़ बैरल की कमी आई है। वहीं, तेल की मांग में भी 4.2 लाख बैरल प्रतिदिन की गिरावट का अनुमान है। ऊंची कीमतों और कमजोर वैश्विक अर्थव्यवस्था के कारण आने वाले समय में तेल की खपत पर और दबाव बढ़ेगा।

अन्य वीडियो-
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें