फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

सरकार कहे तो कोविड-19 टीके को आपात मंजूरी पर विचार संभव: आईसीएमआर

Wed, 19 Aug 2020 11:14 PM IST
मुकेश कुमार झा पीटीआई, नई दिल्ली

सार

  • कोविड-19 रोधी दो टीकों के दूसरे चरण का क्लीनिकल परीक्षण लगभग पूरा हो गया है
  • केंद्र सरकार के फैसला करने पर किसी टीके को आपात मंजूरी देने पर विचार किया जा सकता है
  • देशभर के 17 केंद्रों में 1,700 मरीजों को चिह्नित किया गया है
विज्ञापन
कोरोना - फोटो : अमर उजाला
विज्ञापन

विस्तार
वॉट्सऐप चैनल फॉलो करें

भारतीय आयुर्विज्ञान अनुसंधान परिषद (आईसीएमआर) ने कहा है कि अगर सरकार फैसला करे तो वह कोरोना वैक्सीन टीके को आपात मंजूरी पर विचार कर सकता है। आईसीएमआर के महानिदेशक ने बुधवार को संसदीय समिति से कहा कि देश में विकसित किए जा रहे कोविड-19 रोधी दो टीकों के दूसरे चरण का क्लीनिकल परीक्षण लगभग पूरा हो गया है और केंद्र सरकार के फैसला करने पर किसी टीके को आपात मंजूरी देने पर विचार किया जा सकता है।

विज्ञापन


आईसीएमआर के महानिदेशक बलराम भार्गव ने गृह मामलों की संसदीय स्थायी समिति के सदस्यों को सूचित किया कि भारत बायोटेक, कैडिला और सीरम इंस्टीट्यूट ऑफ इंडिया द्वारा विकसित टीके परीक्षण के विभिन्न स्तर पर हैं। बैठक में मौजूद एक सांसद ने यह जानकारी दी।

भारत बायोटेक और कैडिला द्वारा विकसित किए जा रहे टीकों का दूसरे चरण का परीक्षण लगभग पूरा होने वाला है। सांसद ने बताया कि ऑक्सफोर्ड विश्वविद्यालय द्वारा विकसित टीके के विकास का काम सीरम इंस्टीट्यूट ऑफ इंडिया संभाल रही है और इस हफ्ते के अंत में इसका दूसरे चरण के दूसरे हिस्से का परीक्षण शुरू हो जाएगा। 

देशभर के 17 केंद्रों में 1,700 मरीजों को चिह्नित गया

इसके लिए देशभर के 17 केंद्रों में 1,700 मरीजों को चिह्नित किया गया है। बैठक में शामिल हुए सांसदों के अनुसार जब भार्गव से पूछा गया कि लोगों को कितने समय तक महामारी के साथ रहना होगा तो उन्होंने जवाब दिया कि सामान्यत: अंतिम परीक्षण में छह से नौ महीने लगते हैं लेकिन अगर सरकार फैसला करे तो आपात स्थिति में स्वीकृति प्रदान करने पर विचार किया जा सकता है।

विज्ञापन


अमेरिका में कोरोना वायरस का तेजी से पता लगाने के लिए एफडीए द्वारा स्वीकृत सलाइवा जांच के बारे में समिति के सवालों के जवाब में भार्गव ने कहा कि गरारे के पानी से लार के नमूने लेने पर पहले ही विचार चल रहा है और जल्द ही आगे का ब्योरा साझा किया जाएगा। बैठक में भाग लेने वाले एक अन्य सांसद ने यह जानकारी दी। संसदीय समिति में सभी दलों के सदस्यों ने महामारी से निपटने में विशेष रूप से आईसीएमआर की भूमिका और सामान्य रूप से पूरे चिकित्सा समुदाय की भूमिका की सराहना की।

विज्ञापन
और पढ़ें...
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें