भारतीय आयुर्विज्ञान अनुसंधान परिषद (आईसीएमआर) के प्रमुख डॉ. बलराम भार्गव ने कहा है कि इस बात को तय करना कठिन है कि भारत में कोरोना संक्रमण की दूसरी लहर दिखेगी या नहीं। हालांकि, उन्होंने कहा कि देश में विभिन्न भौगोलिक परिस्थितियों के चलते अलग-अलग समय पर संक्रमण की छोटी लहरें दिख सकती हैँ।
देश और दुनिया में कोरोना वायरस की स्थिति को लेकर प्रो. भार्गव ने कहा कि हालात तेजी से बदल रहे हैं। दुनिया भर के विभिन्न भौगोलिक क्षेत्रों में संक्रमण और मृत्यु दर में काफी भिन्नताएं हैं। उन्होंने कहा कि इस वायरस के बारे में अभी बहुत कुछ जानना बाकी है। कोरोना से निपटने के लिए सामूहिक भागीदारी की जरूरत है।
प्रो. भार्गव ने आने वाले समय में भारत में कोरोना की लहरों को लेकर कहा कि यह विभिन्न भौगोलिक परिस्थितियों पर निर्भर करेगा। फिलहाल यह जरूरी है कि सामाजिक दूरी, मास्क जैसे उपायों का पालन किया जाए। आईसीएमआर पहले ही 10 दक्षिण-पूर्व एशियाई देशों के साथ अनुसंधान के लिए साझा मंच तैयार कर चुका है।
देश में कोरोना जांचों की संख्या दो करोड़ के पार
भारत में कोविड-19 का पता लगाने के लिए होने वाली जांचों की कुल संख्या दो करोड़ के पार हो चुकी है। आईसीएमआर ने कहा कि दो अगस्त तक कुल 2,02,02,858 नमूनों की जांच की गई, जिनमें 3,81,027 नमूनों की जांच रविवार को हुई। भारत में छह जुलाई को जांच की संख्या एक करोड़ का आंकड़ा पार कर गई थी।